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स्वामी प्रभुपाद की जयंती पर स्मारक सिक्का जारी 

नई दिल्ली। इस्कॉन के संस्थापक भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद की 125वीं जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक सितंबर को 125 रुपए का एक विशेष स्मारक सिक्का जारी किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय अगर स्वामी विवेकानंद जैसे मनीषी आगे आए जिन्होंने वेद-वेदांत को पश्चिम तक पहुंचाया, तो वहीं विश्व को जब भक्तियोग देने की ज़िम्मेदारी आई, तो श्रील प्रभुपाद जी और इस्कॉन ने इस महान कार्य का बीड़ा उठाया। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया के कई देशों में सैकड़ों इस्कॉन मंदिर हैं और कई गुरुकुल भारतीय संस्कृति को जीवित रखे हुए हैं। इस्कॉन ने दुनिया को बताया कि भारत के लिए आस्था का मतलब उमंग, उत्साह, उल्लास और मानवता पर विश्वास है। उन्होंने इस्कॉन के सेवा कार्यों पर भी प्रकाश डाला। महामारी के दौरान इस्कॉन के प्रयासों की भी सराहना की।

प्रधानमंत्री ने कहा हम सभी जानते हैं कि प्रभुपाद स्वामी एक अलौकिक कृष्णभक्त के साथ एक महान भारत भक्त भी थे। उन्होंने देश के स्वतंत्रता संग्राम में संघर्ष किया था। असहयोग आंदोलन के समर्थन में स्कॉटिश कॉलेज से अपनी डिग्री लेने से इंकार कर दिया था।  

गुलामी के समय भक्ति ने ही भारत की भावना को जीवित रखा था। उस मुश्किल दौर में भी चैतन्य महाप्रभु जैसे संतों ने हमारे समाज को भक्ति भावना के साथ बांधा और आत्मविश्वास पर विश्वास का मंत्र दिया।
 


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