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नैवेद्यम की टीम केन्या के मंदिर में बनाएगी प्रसाद

पटना। महावीर मंदिर में नैवेद्यम बनानेवाली टीम के प्रमुख आर. शेषाद्री नैरोबी के श्री कल्याण वैंकटेश्वर मंदिर में नैवेद्यम और अन्य भोग प्रसाद बनाएंगे। तिरुपति बालाजी की तर्ज पर स्थापित इस मंदिर में तिरुपति की तरह शारदीय नवरात्रि पर वैंकटेश्वर नवरात्रि ब्रह्मोत्सवम आयोजित होता है।

मंदिर प्रबंधन ने महावीर मंदिर न्यास के सचिव आचार्य किशोर कुणाल से पत्राचार कर शेषाद्री को नैरोबी भेजने का अनुरोध किया था। शेषाद्री शनिवार को नैरोबी के लिए रवाना हो गए। आचार्य किशोर कुणाल ने बताया कि श्री कल्याण वैंकटेश्वर मंदिर की संचालन समिति के अध्यक्ष डॉ पी.वी.संबाशिव राव ने ब्रह्मोत्सव के दौरान नैवेद्यम और अन्य प्रसाद बनाने के लिए शेषाद्री की सेवाएं लेने का अनुरोध किया था।

पटना से नैरोबी आने-जाने और वहां ठहरने का सारा प्रबंध श्री कल्याण वैंकटेश्वर मंदिर प्रबंधन की ओर से किया गया है। आर.शेषाद्री को नैरोबी के इस मंदिर की ओर से वर्ष 2015  से ही आमंत्रित किया जा रहा है। पिछले साल कोरोना संक्रमण के कारण वह नहीं जा सके थे।

मंदिर में यह ब्रह्मोत्सवम 6 से 16 अक्टूबर तक आयोजित होगा। मिली जानकारी के अनुसार तिरुपति बालाजी मंदिर से अलंकार और वेद पाठ के लिए चार लोगों को भी नैरोबी आमंत्रित किया गया है।

भव्य होता है ब्रह्मोत्सवम का आयोजन : श्री वैंकटेश्वर स्वामी वरी ब्रह्मोत्सवम या श्रीवारी ब्रह्मोत्सवम को ही वैंकटेश्वर नवरात्रि ब्रह्मोत्सवम के नाम से भी जाना जाता है। इस आयोजन में मंदिर में पीठासीन देवता भगवान वैंकटेश्वर, उनकी पत्नी श्रीदेवी और भूदेवी के उत्सव मूर्ति  को मंदिर के आसपास की सड़कों पर कई वाहनों में जुलूस के रूप में ले जाया जाता है।

तिरुमाला की कथा के अनुसार इस उत्सव का आयोजन करने के लिए स्वयं ब्रह्मा पृथ्वी पर अवतरित होते हैं। भारत के तिरुपति बालाजी में यह आयोजन भव्य स्वरूप में काफी श्रद्धा और भक्ति के साथ आयोजित होता है।

 


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