पटना। बिहार में पूर्वी भारत के औद्योगिक हब बनने की पूरी संभावना है। इथेनॉल के बाद अब बिहार में टेक्सटाइल उद्योग की स्थापना की तैयारी तेज हो गई है। बिहार पूरी तरह बदल चुका है। राज्य में उद्योगों की स्थापना के फैसले अब घंटों में लिए जा रहे हैं। उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन ने ये बातें उद्योग संगठन सीआईआई के ईस्ट इंडिया समिट में कहीं।
सीआईआई ने होटल मौर्या में पूर्वी भारत में वैश्विक निवेश को बढ़ावा देने के लिए ईस्ट इंडिया समिट का आयोजन किया था। इसमें एक सत्र बिहार में औद्योगिक निवेश की संभावनाओं पर चर्चा के लिए था।
इस सत्र में उद्योग मंत्री, अपर मुख्य सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा, उद्योग निदेशक पंकज दीक्षित एवं निवेश आयुक्त आर.एस.श्रीवास्तव मौजूद रहे । उद्योग विभाग ने प्रस्तावित टेक्सटाइल और लेदर पॉलिसी को लेकर प्रस्तुतीकरण भी दिया। सीआईआई की ओर से राजेश अग्रवाल एवं नरेंद्र कुमार समेत उद्योग जगत के कई चेहरे मौजूद थे।
उद्योग मंत्री ने कहा अब तक बिहार में जितने उद्योगपति निवेश के लिए आए हैं। उन्होंने बिहार का बदला हुआ रूप देखा है। बिहार की इथेनॉल पॉलिसी बेहद सफल रही है। कुछ परेशानियों को दूर करने में हम कामयाब हुए, तो शीघ्र बिहार के औद्योगिक क्षेत्रों में लगी 29 इथेनॉल इकाइयों का एक साथ उद्घाटन होगा।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर इथेनॉल आपूर्ति के कोटे की दिक्कत दूर करने के लिए मेरा बार-बार दिल्ली का दौरा लग रहा है। मुझे पूरा यकीन है बिहार को मिले इथेनॉल के कम कोटे की दिक्कत शीघ्र दूर होगी।