पटना। राष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार महावीर मंदिर पहुंचे रामनाथ कोविंद ने सपरिवार यहां पूजा-अर्चना की। महावीर मंदिर न्यास के सचिव आचार्य किशोर कुणाल ने उनका स्वागत किया। राष्ट्रपति की पत्नी सविता कोविंद और बेटी स्वाति का स्वागत महावीर मंदिर न्यास की ट्रस्टी महाश्वेता महारथी ने किया।
मंदिर में प्रवेश करते ही राष्ट्रपति ने कहा मंदिर पहले से काफी अच्छा लग रहा है। अयोध्या में महावीर मंदिर की राम-रसोई की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि अयोध्या में ऐसा अब तक किसी संस्था ने नहीं किया। अयोध्या दौरे पर लोगों ने उन्हेें राम-रसोई के बारे में बताया कि हजारों रामभक्त प्रतिदिन यहां निःशुल्क स्वादिष्ट भोजन करते हैं।
किशोर कुणाल ने राष्ट्रपति को बताया कि अयोध्या में महावीर मंदिर की ओर से राघव आरोग्य मंदिर अस्पताल बनाने की प्रक्रिया चल रही है। राष्ट्रपति ने कहा कि अयोध्या में भगवान राम के नाम पर अस्पताल बने। यह बहुत अच्छा काम है।
उन्होंने महावीर मंदिर न्यास द्वारा संचालित अस्पतालों की जानकारी ली। बिहार के राज्यपाल रहते राष्ट्रपति महावीर मंदिर और उससे जु़ड़ी संस्थानों में कई बार आ चुके हैं। हनुमान जी के दोनों विग्रहों का दर्शन करते हुए राष्ट्रपति ने अपनी पत्नी से कहा यह मनोकामना मंदिर है। यह देश का एकमात्र मंदिर है जहां हनुमान के दो विग्रह हैं-एक मनोकामना पूरन और दूसरा संकटहरण।
आचार्य किशोर कुणाल ने पुरोहित के रूप में हनुमान जी की स्तुति वाले श्लोकों के साथ विधिवत पूजा कराई। राष्ट्रपति को पूर्वी चंपारण के कथवलिया-बहुआरा में निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर की स्वर्ण जड़ित प्रतिकृति, पुस्तक, नैवेद्यम और शॉल भेंट की गई।