पटना। राज्य में खरीफ फसल की कटाई शुरू होने वाली है। फसल की कटाई के बाद खेतों में पड़े फसल अवशेष को नहीं जला कर उसके उचित प्रबंधन का निर्देश कृषि विभाग ने दिया है। फसल अवशेष प्रबंधन के लिए सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाइजेशन (एसएमएएम) योजना के अंतर्गत फ्लेक्सी फंड की व्यवस्था की गई है।
इसके तहत तीन करोड़ रुपए की लागत से फसल अवशेष प्रबंधन के लिए विशेष कृषि यंत्र बैंक बनेंगे। इन यंत्रों पर 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। राज्य के किसान 27 अक्टूबर से 30 नवंबर तक कहीं से भी ऑनलाइन आवेदन कर इस योजना का लाभ ले सकते हैं।
कृषि मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि पटना, नालंदा, नवादा, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास, गया एवं औरंगाबाद जिलों में स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर बनेंगे। इन पर राज्य सरकार अधिकतम 80 प्रतिशत यानी बारह लाख रुपए प्रति कृषि यंत्र बैंक अनुदान देगी। प्रत्येक कृषि यंत्र बैंक के लिए न्यूनतम तीन फसल अवशेष प्रबंधन यंत्रों की खरीद अनिवार्य है। 55 एचपी तक के ट्रैक्टर पर चालीस प्रतिशत अधिकतम 3.40 लाख अनुदान देय है जबकि अन्य यंत्रों पर 80 प्रतिशत अनुदान मिलेगा।
राज्य के जीविका समूह, ग्राम संगठन, कलस्टर फेडरेशन, आत्मा से संबद्ध फार्मर इंट्रेस्ट ग्रुप (एफआईजी), नाबार्ड एवं राष्ट्रीयकृत बैंकों से संबद्ध किसान क्लब, कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ), स्वयं सहायता समूह, उद्यमी एवं प्रगतिशील किसान योजना का लाभ उठा सकते हैे।