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बिहार में लगेंगी इथेनॉल की 17 यूनिट, केंद्र ने कोटा किया दोगुना

पटना। बिहार में इथेनॉल उद्योग लगने की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। बिहार का इथेनॉल का कोटा दोगुना हो गया है। फिलहाल इथेनॉल की 17 उत्पादन इकाइयां (यूनिट्स) बिहार में लगेंगी। ये उत्पादन इकाइयां नालंदा, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, भोजपुर, पूर्णियां, बक्सर, बेगूसराय, मधुबनी, गोपालगंज और पूर्वी चंपारण समेत कई जिलों में लगेंगी।

उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन ने होटल मौर्या में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि बिहार का इथेनॉल कोटा 18.5 करोड़ लीटर से बढ़कर 36 करोड़ लीटर हो गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय के साथ लगातार संवाद और कोशिशों का शानदार नतीजा हमें मिला है।

उन्होंने कहा बिहार में 30,382 करोड़ के निवेश प्रस्ताव इथेनॉल उद्योग के लिए आए हैं। हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक बिहार के हर जिले में ये उद्योग नहीं लग जाएंगे। इथेनॉल उद्योग खासकर बिहार के किसानों के लिए गेमचेंजर साबित होगा। साथ ही प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार का भी सृजन होगा। इथेनॉल उद्योग से संबद्ध अन्य छोटे उद्योग भी लगेंगे।

तेल विपणन कंपनियों के टेंडर में बिहार की अधिक से अधिक यूनिट आवेदन कर सके। इसके लिए उद्योग विभाग ने निवेशकों की पूरी मदद की। उद्योग मंत्री ने सभी निवेशकों को शुभकामनाएं दी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेल विपणन कंपनियों के निविदा में सफल रहीं 17 कंपनियों के निदेशक मौजूद थे।

माइक्रोमैक्स के फाउंडर और बिहार में इथेनॉल उद्योग के निवेशक राजेश अग्रवाल ने कहा कि इथेनॉल यूनिट लगाने के लिए दूसरे राज्य भी गए, लेकिन जो रेस्पांस बिहार में मिला, वह हमेशा याद रहेगा।

मुजफ्फरपुर के मोतीपुर में इथेनॉल प्लांट लगाने जा रहे नेचुरल डेयरी के मालिक उद्योगपति हेमंत दास ने कहा अगर उद्योग मंत्री और उद्योग विभाग ने सक्रियता नहीं दिखाई होती, तो आज 17 इथेनॉल इकाइयों के प्रतिनिधि एक मंच पर नहीं होते।

मधुबनी के लोहट में यूनिट लगाने जा रहे वीनस विधान एग्रोटेक के निदेशक संजय सिंह ने कहा कि वह हरियाणा में उद्योग लगाने के लिए सोच रहे थे, लेकिन उद्योग विभाग ने ऐसा माहौल बनाया कि अब यहां इथेनॉल उद्योग लगाने जा रहे हैं।

नालंदा में फैक्ट्री लगा रहे चंद्रिका पावर के निदेशक रुहेल रंजन और मुजफ्फरपुर में इथेनॉल उद्योग लगाने जा रहीं भारत ऊर्जा डिस्टलरीज की निदेशक कोमल सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा, निदेशक पंकज दीक्षित, अन्य विभागीय अधिकारी और बीआईए के अध्यक्ष अरुण अग्रवाल भी मौजूद थे।

 

 


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