पटना। कृषि व्यवसाय के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने वाले स्टार्ट अप देहात कंपनी के संस्थापक एवं सीईओ शशांक कुमार ने कहा कि उद्यमी के लिए प्रत्येक दिन एक नए दिन की तरह होता है। इसकी वजह यह है कि उसे पिछले दिन से कुछ न कुछ सीख कर अगले दिन की यात्रा शुरू करनी पड़ती है। उद्यमी को समय के साथ अपनी सोच को बदलते हुए आगे बढ़ना चाहिए। शशांक बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (बीआईए) की ओर से आयोजित वेंचर टॉक को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि सफल उद्यमी को सफल सेल्समैन भी होना जरूरी है। चाहे वह अपना उत्पाद बेचे या अपना आइडिया। यह जरूरी नहीं है कि टेक्नोलॉजी पृष्टभूमि से आने वाले लोग ही सफल उद्यमी बन सकते हैं। टेक्नोलॉजी निश्चित रूप से सफलता में अहम भूमिका निभाती है, लेकिन टेक्नोलॉजी के आगे भी बहुत कुछ है।
शशांक मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। इन्होंने वर्ष 2008 में आईआईटी दिल्ली से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्हें वैसी कंपनियों में काम करने का मौका मिला, जो खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र से सम्बद्ध थे। बाद में उन्होंने कृषि से जुड़े व्यवसाय में काम करने का निर्णय लिया।
शशांक कहते हैं कि उद्यमी को कभी भी अपनी उपलब्धि से संतुष्ट नहीं होना चाहिए। उपलब्धि के साथ नए-नए लक्ष्य निर्धारित करते हुए उसे प्राप्त करने के लिए प्रयासरत रहना चाहिए। मैंने अपनी उद्यम यात्रा कुछ किसानों के साथ शुरू की थी। आज उनके नेटवर्क में सात राज्यों के 6.5 लाख किसान जुड़े हुए हैं।
इस अवसर पर बीआईए के अध्यक्ष अरुण अग्रवाल, कोषाध्यक्ष मनीष तिवारी, पूर्व अध्यक्ष राम लाल खेतान, पूर्व उपाध्यक्ष संजय गोयनका, जीपी सिंह, इन्क्यूबेशन सेंटर के सदस्य सचिव सुबोध कुमार के साथ कई सदस्य उपस्थित थे।