पटना। बिहार में खादी ग्रामोद्योग को बढ़ावा देकर अधिक से अधिक रोजगार सृजन के लिए शीघ्र खादी नीति बनेगी। इसके लिए राज्य की सभी खादी समितियों से सुझाव लिए जाएंगे। देश-विदेश में खादी वस्त्रों के प्रोत्साहन के लिए सरकार पूरा प्रयास करेगी।
आजादी के अमृत महोत्सव पर देश में आयोजित होने वाले 75 मेलों में खादी उत्पादों को जबरदस्त तरीके से बढ़ावा दिया जाएगा। उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन ने राज्य की सभी खादी समिति और ग्रामोद्योग संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में ये बातें कहीं। उन्होंने खादी नीति तैयार करने के लिए 11 खादी समितियों की एक कमेटी बनाने की भी घोषणा की।
बिहार की सभी खादी समितियों और ग्रामोद्योग संस्थाओं के साथ गांधी मैदान के समीप स्थित खादी मॉल के सभागार में समीक्षा बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में बिहार की 61 खादी समिति के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। उन्होंने उद्योग मंत्री के समक्ष अपनी समस्याओं के साथ राज्य में खादी को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।
प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए उद्योग मंत्री ने कहा खादी, हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट्स में रोजगार सृजन की बड़ी संभावनाएं हैं। इसके लिए खादी समितियों को एकजुट होकर मिशन मोड में काम करना होगा। पटना के बाद भागलपुर, पूर्णिया और मुजफ्फरपुर में भी खादी मॉल बनाने की तैयारी चल रही है।
खादी को बढ़ावा देने के लिए बनेगी वेबसाइट : खादी को बढ़ावा देने के लिए एक वेबसाइट बनेगी। इसके माध्यम से राज्य की सभी खादी संस्थाएं वस्त्र और अन्य ग्रामोद्योग उत्पाद आसानी से बेच सकेंगी। इस वेबसाइट से ग्राहक अपनी पसंद के उत्पाद देश-विदेश में कहीं से भी खरीद सकेंगे। वेबसाइट बनने के बाद बिहार की सभी खादी समितियों को एक समान फायदा होगा।