पटना। 25 साल बाद उद्योग विभाग के अधीन दो निगमों के 650 कर्मियों को उनका बकाया वेतन मिल गया। उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन ने बकाया वेतन की दूसरी किस्त में 55 करोड़ राशि कर्मियों के खातों में ट्रांसफर की। लंबे इंतजार के बाद राशि पाकर निगमकर्मी भावुक हो उठे। कार्यक्रम का आयोजन उद्योग भवन सभागार में किया गया। इससे पहले 25 करोड़ राशि ट्रांसफर की गई थी। दोनों किस्त मिलाकर 80 करोड़ राशि वितरित की गई।
उद्योग विभाग के अंतर्गत बिहार राज्य हथकरघा एवं हस्तशिल्प निगम और बिहार राज्य औषधीय एवं रसायन निगम के कर्मियों का वेतन 1997 से लंबित था। बकाया वेतन भुगतान कार्यक्रम में उद्योग मंत्री ने कहा कि बहुत से लोगों ने उम्मीद छोड़ दी थी कि उन्हें बकाया वेतन मिलेगा। कई कर्मी वेतन के इंतजार में बूढ़े हो गए।
राज्य सरकार ने बकाया वेतन का भुगतान कर उन्हें खुशियां देने की कोशिश की है। उद्योग मंत्री ने यह भी कहा कि दोनों निगमों के करीब 92 कर्मचारी रह गए हैं। उनके भी दस्तावेज और विवरणी जुटाकर बकाया वेतन का भुगतान किया जाएगा।
742 कर्मियों का वेतन था बकाया : बिहार राज्य औषधि एवं रसायन विकास निगम के 324 कर्मियों के बकाया वेतन का भुगतान किया जाना था। इनमें 280 कर्मियों की विवरणी सही पाई गई और उन्हें 34.93 करोड़ का भुगतान दो किस्तों में किया गया। बिहार राज्य हस्तकरघा एवं हस्तशिल्प निगम के 418 कर्मियों में 370 की विवरणी मिली। उन्हें 46 करोड़ रकम दो किस्तों में दिया गया।
कार्यक्रम में विधान परिषद के सदस्य संजय मयूख, बिहार राज्य हथकरघा एवं हस्तशिल्प निगम के प्रबंध निदेशक दिलीप कुमार, बिहार राज्य औषधीय एवं रसायन विकास निगम के प्रबंध निदेशक प्रकाश टोप्पो एवं निगम के कर्मी मौजूद रहे।