पटना। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) बिहार के औद्योगिक विकास में सबसे बड़ी भूमिका निभाएंगे। एमएसएमई सेक्टर की मजबूती से रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी। बिहार में सूक्ष्म और लघु उद्योगों की स्थापना में मुख्यमंत्री उद्यमी योजना कारगर साबित होने वाली है। एमएसएमई विकास संस्थान में आयोजित एक कार्यक्रम में उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन ने ये बातें कहीं।
पाटलिपुत्र औद्योगिक क्षेत्र स्थित एमएसएमई विकास संस्थान में दिल्ली से पटना पहुंचे एमएसएमई अभियान दल को अगले पड़ाव छपरा एवं चंपारण के लिए उद्योग मंत्री ने रवाना किया। आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर देश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को मजबूती प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार की सभी योजनाओं के प्रति जागरूकता फैलाने के मकसद से राष्ट्रव्यापी अभियान चल रहा है।
केंद्रीय अभियान दल पांच राज्य दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश एवं बिहार के सड़क मार्ग से 3500 किलोमीटर की यात्रा कर रहा है। इसे केंद्रीय एमएसएमई मंत्री नारायण तातु राणे ने 27 नवंबर को दिल्ली से रवाना किया था।
इस मौके पर उद्योग मंत्री ने कहा कि कोशिश होगी कि बिहार में बड़े उद्योगों के साथ छोटे उद्योगों को भी प्राथमिकता और सहायता मिले। मुख्यमंत्री उद्यमी योजना बिहार के युवाओं को तैयार कर रहा है कि वे रोजगार मांगने की जगह रोजगार देने वाला बने।
उन्होंने बिहार के एमएसएमई सेक्टर से जुड़े उद्यमियों से आग्रह किया कि वे केंद्र और राज्य सरकार की तमाम योजनाओं का लाभ अपनी मौजूदा औद्योगिक इकाई को विस्तार देने या नया उद्यम शुरू करने के लिए ज़रूर उठाएं।
कार्यक्रम में एमएसएमई विकास संस्थान के निदेशक प्रदीप कुमार,एमएसएमई मंत्रालय के संयुक्त निदेशक राकेश कुमार चौधरी, उप निदेशक हरेंद्र प्रताप सिंह, सहायक निदेशक डॉ हरीश यादव एवं प्रवीण धुर्वे मौजूद रहे।