राजगीर। तीन दिवसीय आयुर्वेद पर्व (11-13 दिसंबर) का मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजगीर के इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में उद्घाटन किया। भगवान धन्वंतरि को नमन करने के बाद मुख्यमंत्री ने आयुर्वेद के बढ़ते कदम स्मारिका का विमोचन एवं छह आयुर्वेद चिकित्सकों को सम्मानित किया। इस मौके पर केंद्रीय आयुष मंत्री सर्वानंद सोनेवाल का वीडियो संदेश भी प्रसारित किया गया।
उद्घाटन सत्र के बाद मुख्यमंत्री ने आयुर्वेद एक्सपो का उद्घाटन किया। उन्होंने भारतीय आयुर्वेद महासम्मेलन के अध्यक्ष पद्म भूषण वैद्य देवेंद्र त्रिगुणा को राजगीर में आयोजन करने के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि राजगीर एक महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक स्थल है। आप सभी आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहे हैं। यह खुशी की बात है।
जड़ी-बूटी का भंडार है पंच पर्वत : मुख्यमंत्री ने कहा कि राजगीर में पंच पर्वत है। यहां जड़ी-बूटियों का भंडार है। पंच पर्वत पर चिरौंजी, गिलोय एवं संजीवनी जैसी महत्वपूर्ण जड़ी-बूटियां उपलब्ध हैं। जानकार लोग यहां से जड़ी-बूटी लेकर जाते हैं। उन्होंने कहा कि हमने तय कर दिया है कि यहां जितने औषधीय पौधे हैं उनका आकलन कर ठीक ढंग से रखरखाव किया जाए। मेरे दादाजी एवं पिताजी वैद्य रहे हैं। मेरे बड़े भाई भी वैद्य हैं। इसलिए मुझे आयुर्वेद को समझने का मौका मिला है।

राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज का होगा विकास : पटना स्थित राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं हॉस्पिटल और राजकीय तिब्बी कॉलेज के विकास के लिए सरकार प्रयासरत है। भागलपुर के राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज का भी जीर्णाेद्धार होगा। कई जगहों पर बंद पड़े आयुर्वेदिक कॉलेजों को भी शुरू किया जाएगा।
838 करोड़ रूपए की मंजूरी : राजकीय राय बहादुर टुनकी साह होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय मुजफ्फरपुर, महारानी रामेश्वरी भारतीय चिकित्सा विज्ञान संस्थान दरभंगा, राजकीय अयोध्या शिवकुमारी आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय बेगूसराय के विस्तार एवं विकास के लिए कैबिनेट से 838 करोड़ रूपए की मंजूरी मिली है।
नेचुरोपैथी को बढ़ावा देने पर जोर : सीएम ने आयुर्वेद के साथ नेचुरोपैथी को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा भागलपुर में तपोवर्द्धन प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र के विस्तार के लिए 50 करोड़ रूपए से अधिक राशि उपलब्ध करायी गई है। मेरी इच्छा है कि राजगीर में भी नेचुरोपैथी की एक संस्थान बने। इसके लिए सरकार सहायता करेगी।
कार्यक्रम को इन्होंने भी किया संबोधित : स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय, सांसद कौशलेंद्र कुमार, विधायक कौशल किशोर, आयुष मंत्रालय के सचिव पदमश्री वैद्य राजेश कोटेया, राष्ट्रीय चिकित्सा पद्धति आयोग के वैद्य जयंत देव पुजारी, आयुष मंत्रालय में सलाहकार वैद्य मनोज नेशरी, अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, अखिल भारतीय आयुर्वेद महासम्मेलन के अध्यक्ष पद्मभूषण वैद्य देवेंद्र त्रिगुणा एवं बिहार प्रदेश आयुर्वेद सम्मेलन के अध्यक्ष वैद्य धनंजय शर्मा।
