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अरिस्टो फार्मा के संस्थापक महेंद्र प्रसाद नहीं रहे

पटना। अरिस्टो फार्मास्यूटिकल के संस्थापक एवं जदयू से राज्यसभा सांसद महेंद्र प्रसाद का निधन रविवार की देर रात दिल्ली में हो गया। 81 वर्षीय महेंद्र लंबी बीमारी से पीड़ित थे। किंग महेंद्र के नाम से भी वे जाने जाते थे। बिहार से वह सात बार राज्यसभा और एक बार लोकसभा के लिए चुने गए।  

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महेंद्र प्रसाद के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने अपने शोक  संदेश में कहा कि वह एक कुशल राजनेता  एवं  प्रसिद्ध उद्योगपति  थे। उनके निधन से राजनीतिक, सामाजिक एवं उद्योग क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है। मुख्यमंत्री ने महेंद्र  प्रसाद के भाई  उमेश  शर्मा उर्फ भोला बाबू एवं उनके पुत्र राजीव शर्मा से टेलीफोन पर बात कर उन्हें सांत्वना दी।

बीआईए ने भी व्यक्त की संवदेना : उद्योगपति महेंद्र प्रसाद के निधन को बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (बीआईए) ने उद्योग जगत के लिए एक अपूर्णींय क्षति बताया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण अग्रवाल ने उनकी उद्यमशीलता को याद करते हुए कहा कि महेंद्र प्रसाद बिहार के चुनिंदा सफल उद्यमियों में थे, जिन्होंने देश के कॉरपोरेट जगत में अपनी पहचान कायम की।

उनकी सफलता एवं पहचान इस रूप में भी अहम है कि वे पहली पीढ़ी के उद्यमी थे। उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि किसान की थी। उनके अंदर बचपन से ही व्यवसाय के प्रति रुचि थी।

31 वर्ष की उम्र में उन्होंने अरिस्टो फार्मास्यूटिकल कंपनी की स्थापना की। अपनी मेहनत के बल पर 180 करोड़ डॉलर का नेटवर्क खड़ा करने में सफल रहे। उद्योग एवं राजनीतिक जीवन में सक्रियता के साथ समाज एवं जरूरतमंद लोगों के लिए भी बहुत सारे कार्य किए। उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा स्रोत रहेगा।

 


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