पटना। बिहार राज्य बीज और जैविक प्रमाणीकरण एजेंसी (बसोका) के मीठापुर स्थित डीएनए फिंगर प्रिंटिंग प्रयोगशाला में जेनेटिकली मॉडिफाइड आर्गेनिज्म (जीएमओ) टेस्टिंग का उद्घाटन कृषि मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह ने किया। साथ ही बसोका निर्मित जीपीएस आधारित एटेंडेंस ऐप का उद्घाटन एवं मीठापुर परिसर स्थित बीज प्रमाणन भवन के जीर्णोद्धार कार्य का भी शुभारंभ किया।
कृषि मंत्री ने कहा कि जीएमओ जांच के लिए बिहार की यह पहली प्रयोगशाला है। राज्य सरकार की वर्तमान नीति के अंतर्गत जीएमओ से संबंधित किसी फसल का उत्पादन प्रतिबंधित है। जीएमओ फसल का पर्यावरण, मानव एवं पशु के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
बिहार में यह जांच उपलब्धता होने से अंतरराष्ट्रीय या राष्ट्रीय बाजार से जीएमओ किस्म राज्य में बिक्री किए जाने पर प्रयोगशाला में इसकी शीघ्र जांच की जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित विक्रेता पर कार्रवाई होगी।
बसोका के अंतर्गत कार्यरत डीएनए फिंगर प्रिटिंग प्रयोगशाला का विस्तार भी किया जा रहा है। वर्तमान में इस प्रयोगशाला की प्रतिवर्ष जांच की क्षमता तीन सौ नमूने की है। इसके विस्तारीकरण के बाद क्षमता चार हजार हो जाएगी। डीएनए फिंगर प्रिटिंग प्रयोगशाला में जांच के बाद किसानों के उपयोग में लाए जा रहे संकर बीज की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाती है।
जीपीएस आधारित एटेंडेंस ऐप के माध्यम से बसोका के क्षेत्रीय पदाधिकारी एवं कर्मचारियों का लोकेशन ट्रैक होगा। वर्तमान में बसोका बीज प्रमाणन कार्य के साथ जैविक प्रमाणन का कार्य भी कर रहा है।
कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का जैविक खेती पर विशेष जोर है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में बिहार में कुल 39,594 किसान 45,363 एकड़ क्षेत्र में जैविक खेती कर रहे हैं। राज्य सरकार जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए 13 जिलों में जैविक कॉरिडोर योजना कार्यान्वित कर रही है।
केंद्र प्रायोजित पारंपरिक कृषि विकास एवं नमामि गंगे योजना के अंतर्गत राज्य के 15 जिलों में जैविक खेती की योजना चल रही है। जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य योजना के अंतर्गत शेष 25 जिलों में भी योजना की स्वीकृति की प्रक्रिया चल रही है। बसोका जैविक प्रमाणीकरण का कार्य बिहार के अलावा पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र एवं मध्यप्रदेश में भी कर रही है।
इस अवसर पर कृषि विभाग के सचिव सह बसोका अध्यक्ष डॉ एन. सरवण कुमार, विशेष सचिव विजय कुमार, कृषि निदेशक सावन कुमार एवं बसोका के निदेशक सुनील कुमार पंकज उपस्थित रहे।