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बजट से अर्थव्यवस्था को मिलेगी रफ्तार : बीआईए

पटना। बिहार उद्योग संघ (बीआईए) ने बजट को राष्ट्रीय परिपेक्ष्य में विकास को गति देने वाला बताया है। आधारभूत संरचना, रोजगार सृजन, शहरी विकास एवं एमएसएमई प्रक्षेत्र के के लिए कई प्रावधान किए गए हैं।

एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण अग्रवाल ने कहा कि बजट को बिहार के परिपेक्ष्य में देखने पर थोड़ी निराशा मिलती है। संघ को उम्मीद थी कि बिहार के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए विशेष प्रावधान बजट में किए जाएंगे। राज्यों को अपने यहां कैपिटल आउटले बढ़ाने के लिए पहले दस हजार करोड़ तक का ऋण लेने का प्रावधान था, उसे बढ़ा कर बजट में एक लाख करोड़ किया गया है। यह अच्छा प्रावधान है।

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम प्रक्षेत्र (एमएसएमई) के उद्योगों के महत्व को देखते हुए सरकार ने इस प्रक्षेत्र को गति देने के लिए रैंप कार्यक्रम लागू करने की घोषणा की है। इससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

उपाध्यक्ष सुबोध कुमार गोयल ने कहा कि कोई नया टैक्स नहीं लगाकर सरकार ने राहत दी है। सहकारी समितियों के लिए मैट घटा कर 15 प्रतिशत करने की घोषणा का लाभ कृषि प्रक्षेत्र की सहकारी समितियों को मिलेगा। इससे किसानों कीे आय में वृद्धि होगी। आईटीआर में सुधार के लिए की गई व्यवस्था भी राहत भरा कदम है। उपाध्यक्ष भरत अग्रवाल ने आधारभूत संरचना क्षेत्र के माध्यम से देश की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए बजट में किए गए प्रावधान की सराहना की है।

एसोसिएशन के महासचिव आशीष रोहतगी ने कहा कि बजट में शहरी विकास प्रक्रिया को बल देने का प्रावधान किया गया है। सरकार के इस चिंतन की हम सराहना करते हैं कि वर्ष 2047 तक देश में शहरीकरण का प्रतिशत बढ़कर 50 प्रतिशत हो जाएगा। सौर ऊर्जा प्रक्षेत्र में पीएलआई योजना के लिए 19,500 करोड़ का आवंटन सराहनीय कदम है।

डिजिटल करेंसी को प्रोत्साहित करने के लिए आरबीआई के डिजिटल रुपए जारी करने का प्रावधान भी बजट का सराहनीय पक्ष है। ईसीएलजीएस स्कीम को पुनः एक वर्ष के लिए बढ़ाना सरकार की अच्छी मानसिकता को दर्शाता है। इससे कोरोना महामारी से प्रभावित क्षेत्र खास कर होटल एवं अन्य आथित्य सत्कार से जुड़े प्रक्षेत्र को सहायता मिलेगी।

 


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