पटना। बिहार में रोजगार सृजन के लिए बंद पड़े उद्योगों को रिवाइवल पैकेज देकर पुनर्जीवित करने का सुझाव प्रदेश भारतीय मजदूर संघ ने दिया है। डिप्टी सीएम सह वित्तमंत्री तारकिशोर प्रसाद के साथ प्री बजट बैठक में संघ के महामंत्री संजय कुमार सिन्हा ने बिहार शताब्दी असंगठित कामगार दुर्घटना योजना का नामकरण दंतोपंथ हेगड़ी के नाम पर करने एवं योजना की राशि एक लाख से बढ़ाकर दो लाख करने का अनुरोध किया ।
डिप्टी सीएम ने संगठन के प्रतिनिधियों से कहा कि प्री-बजट बैठक में कई महत्वपूर्ण सुझाव मिले हैं। सभी पर समीक्षा के बाद वित्त विभाग आवश्यक निर्णय लेगा। राज्य सरकार आत्मनिर्भर बिहार के संकल्प को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य की खुशहाली और समृद्धि के लिए बिहार बजट में उद्योग और उद्यमिता के विकास तथा स्वावलंबन की दिशा में ठोस प्रबंधों पर जोर रहेेगा।
भारतीय किसान संघ के प्रदेश महामंत्री सर्वजीत ने कहा कि धान-गेहूं के समर्थन मूल्य पर खरीद की व्यवस्था पैक्स के अलावा अन्य एजेंसियों से भी होना चाहिए। फसलों की रक्षा के लिए वन्य पशुओं को नियंत्रित करने की भी व्यवस्था बने। स्वदेशी जागरण मंच ने राज्य के सभी 534 प्रखंडों में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि एवं पशुपालन संबंधित कौशल केंद्रों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने का अनुरोध किया।

विश्व आयुर्वेद परिषद् के राष्ट्रीय सचिव वैद्य शिवादित्य ठाकुर ने आयुर्वेद औषधालय भवन, उपकरण एवं जड़ी-बूटी की खेती के लिए बजट में प्रावधान करने की सलाह दी। लघु उद्योग भारती के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र प्रसाद सिंह ने सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को सुगमतापूर्वक चलाने के लिए कुछ सहूलियत देने का सुझाव दिया।
बिहार प्रदेश सहकार भारती के प्रदेश महामंत्री अंकेश कुमार मिश्र ने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की तर्ज पर बिहार के युवा और बेरोजगारों को सहकारिता से जोड़ कर उन्हें पांच वर्षों तक सभी करों से मुक्त रखा जाए। साथ ही व्यापार मंडल, पैक्स, दूध एवं मत्स्य सहकारिता के सदस्यों के प्रशिक्षण के लिए बजट में आवश्यक राशि का प्रबंध भी होना चाहिए। इससे सभी को-ऑपरेटिव सदस्य अपने अधिकार एवं कर्तव्यों को समझ सकेंगे।
अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के संगठन मंत्री उमेश प्रसाद ने किसी सामान पर एमआरपी लिखने के नियम और कानून में संशोधन की सलाह दी। साथ ही बिहार में उपभोक्ता संरक्षण परिषद एवं जिला स्तर पर उपभोक्ताओं के शिकायत और निवारण के लिए फोरम को पुनर्गठित करने का सुझाव दिया।
प्री बजट बैठक में दीपक चौरसिया, अजय यादव, कुमार प्रियरंजन, पवन, डॉ संजीव कुमार सिंह, यदुनंदन प्रसाद, मनीष कुमार एवं अजय कुमार शर्मा सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहेे।