पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि समाजवाद बड़ी बुनियादी चीज है। हमारे लिए पूरा बिहार एक परिवार है। कुछ लोग अपने घर के परिवार को ही परिवार मानते हैं और उसी परिवारवाद में रहते हैं। इससे समाजवाद खत्म हो जाता है। हमलोग राममनोहर लोहिया जी के शिष्य हैं। समाजवाद का निर्माण उन्होंने किया और समाज को चलाया।
जनता का दरबार कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री पत्रकारों के सवाल का जवाब दे रहे थे। हाल ही में प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सच्चा समाजवादी बताया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोग छात्र जीवन से राजनीति में हैं। उसी समय से समाजवाद से प्रभावित हैं। जो राजनीति में सिर्फ अपने परिवार पर ही केंद्रित रहेंगे, एक समय आएगा कि उनका कोई भविष्य नहीं रहेगा।
बिहार को विशेष राज्य के दर्जे के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग की रिपोर्ट में बिहार को सबसे पिछड़ा बताया गया है। रिपोर्ट आने के बाद राज्य सरकार की तरफ से आयोग को पत्र भेजा गया। पत्र में कहा गया है कि जब विकास के लिए काम करने पर यह स्थिति है तब नीति आयोग को सोचना होगा।
बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलने से यह फायदा होगा कि केंद्र और राज्य की हिस्सेदारी 90:10 होगी। अभी 60 : 40 है। 90 :10 होने से राज्य का पैसा बचेगा। यह विकास के कामों में लगेगा।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 से बिहार के विकास के लिए हमलोगों ने काफी मेहनत की है। बिहार की विकास दर और प्रति व्यक्ति आय बढ़ी है। इसके बावजूद अगर बिहार पीछे है, तो इसकी वजह है कि हमारे राज्य का क्षेत्रफल कम और आबादी अधिक है। एक वर्ग किलोमीटर में जितनी आबादी बिहार में है, उतनी आबादी इस देश में कहीं भी नहीं है। शायद दुनिया में भी कहीं नहीं है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जातिगत जनगणना पर केंद्र सरकार ने भी स्पष्ट कहा है यदि कोई राज्य जातीय जनगणना कराना चाहे, तो करे। इससे यह जानकारी हो जाएगी कि किस जाति की कितनी आबादी है। हिजाब मामले पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पर कुछ कहने का कोई औचित्य नहीं है। यह मामला कोर्ट में है। यहां के स्कूलों में सभी बच्चे एक ही तरह के ड्रेस पहनते हैं।