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बैंकों को इथेनॉल यूनिट की वित्तीय परेशानी दूर करने का निर्देश

पटना। बिहार में 17 इथेनॉल यूनिट को स्वीकृति मिली है। सभी यूनिट को एक साल का समय दिया गया है। इनके वित्त पोषण के लिए बैंकों को निष्पादन प्रक्रिया में तेजी लानी होगी। वरीय अधिकारियों को वित्त पोषण की प्रोसेसिंग एवं स्वीकृति स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग की जरूरत है। डिप्टी सीएम सह वित्तमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की विशेष बैठक में ये निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि बिहार में इथेनॉल उत्पादन के लिए बड़ी मात्रा में कच्चे माल उपलब्ध हैं। बिहार इथेनॉल हब के रूप में विकसित हो सकता है। इसके लिए यह जरूरी है कि यहां शीघ्र इथेनॉल लगे और इस कार्य में बैंकों की बड़ी भूमिका है।

उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन ने कहा कि इथेनॉल उत्पादन इकाइयों के वित्त पोषण में आ रही बाधाओं को शीघ्र दूर करने के लिए बैंकों के वरीय अधिकारी संवेदनशीलता एवं समयबद्ध तरीके से कार्य करें। पहले इथेनॉल का कोटा कम था। काफी प्रयास के बाद अब यह दोगुना हो गया है। सरकार की कोशिश है कि किसानों की आमदनी बढ़े।

उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने इथेनॉल यूनिट के वित्तपोषण में आ रही कठिनाइयों की चर्चा की। इथेनॉल यूनिट से 50 केएलपीडी अथवा कम मात्रा में करार, दीर्घकालीन करार की शर्त, बैंक मार्जिन तथा कॉलेटरल और इथेनॉल वित्तपोषण की मानक संचालन प्रक्रिया को अविलंब निर्गत करने के आवश्यक निर्देश दिए गए।

राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के जीएम मनोज कुमार गुप्ता ने सभी मुद्दों पर गंभीरतापूर्वक कार्रवाई करने एवं संबंधित बैंकों के माध्यम से आवेदनों के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। एसएलबीसी की विशेष बैठक में वित्त विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह, उद्योग निदेशक पंकज दीक्षित, सांस्थिक वित्त निदेशालय के निदेशक मिथिलेश मिश्रा, सभी बैंकों के वरीय अधिकारी एवं इथेनॉल यूनिट के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

 


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