पटना। देश की कई बड़ी कंपनियों ने बिहार में उद्योग लगाने के लिए जमीन मांगी है। आईटीसी, हिंदुस्तान यूनीलीवर (एचयूएल), कोकाकोला, हल्दीराम एवं सीमेंट कंपनियां एसीसी और अंबूजा ने औद्योगिक क्षेत्र में जमीन के लिए बियाडा से संपर्क किया है। उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन ने विधान परिषद में बिहार बजट 2022-23 में उद्योग विभाग के बजट पर चर्चा के दौरान यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि बिहार में उद्योगों की स्थापना के लिए निवेश प्रस्तावों की कोई कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ इस बात की है कि निवेश प्रस्तावों को शीघ्र निवेश में तब्दील किया जाए और इसके लिए प्रयास जारी है। स्किल्ड और सेमी स्किल्ड वर्कफोर्स की ताकत बिहार में बड़े उद्योगों को खींच रही है।
उद्योग मंत्री ने विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि बिहार ने पिछले एक साल में 39 हजार करोड़ के निवेश प्रस्तावों से भी आगे सोचना शुरू कर दिया है। बिहार की मौजूदा औद्योगिक नीति और विशेष सेक्टर आधारित नीतियां अत्यंत सफल हैं और इसकी वजह से बड़े निवेश के प्रस्ताव आ रहे हैं।
शीघ्र हम टेक्सटाइल और लेदर पॉलिसी लाने वाले हैं। इसके बाद बिहार में निवेश और निवेश प्रस्तावों में और वृद्धि होगी। बिहार में एक साल में पेप्सिको समेत 87 औद्योगिक यूनिट खुली हैं और यहां उत्पादन का ट्रायल रन या उत्पादन शुरू हो चुका है।
गोपालगंज में दो, आरा और पूर्णियां में एक-एक इथेनॉल की यूनिट तैयार है। आरा में बने इथेनॉल उत्पादन प्लांट की उत्पादन क्षमता चार लाख किलोलीटर प्रतिदिन है। बिहार में 17 इथेनॉल यूनिट ने 36 करोड़ लीटर सालाना इथेनॉल आपूर्ति का करार हाल ही में तेल विपणन कंपनियों के साथ किया है।
उद्योग मंत्री ने बताया कि मुजफ्फरपुर के मोतीपुर में मेगाफूड पार्क के रूप में बिहार को बड़ी सौगात मिली है। मेगा फूड पार्क 143.96 एकड़ भूमि में बन रहा है। गया के डोभी में बिहार का सबसे बड़ा इंडस्ट्रियल हब बन रहा है।