पटना। बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने वर्ष 2022-23 के लिए घोषित बिजली टैरिफ में कोई वृद्धि नहीं की है। आयोग के इस निर्णय से बिहार के सभी श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिली है। बिजली कंपनियों ने टैरिफ में 9.90 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव दिया था, जिसे आयोग ने स्वीकार नहीं किया। विभिन्न तारीखों पर जनसुनवाई के बाद अध्यक्ष शिशिर सिन्हा ने आयोग के फैसले को 25 मार्च को सार्वजनिक किया।
बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने बिजली कंपनी को अपने नुकसान कम करने के लिए कई निर्देश दिए हैं। एचटी उपभोक्ताओं के लिए दो श्रेणी जेनरल एवं औद्योगिक श्रेणी बनाने के प्रस्ताव पर सहमति दी गई है। कोरोना महामारी को देखते हुए ऑक्सीजन निर्माताओं के लिए एक अलग श्रेणी बनाने एवं औद्योगिक यूनिट को प्रोत्साहन देने के लिए लोड फैक्टर इंसेंटिव देने का निर्णय लिया गया है।
आयोग के फैसले का बिहार स्टील निर्माता संघ,चैंबर ऑफ कॉमर्स और बिहार उद्योग संघ ने स्वागत किया है।
बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने विद्युत विनियामक आयोग के वर्ष 2022-23 के लिए घोषित टैरिफ में कोई वृद्धि नहीं किये जाने का स्वागत किया है। साथ ही सरकार से अनुरोध किया है कि अन्य उपभोक्ताओं की भांति उद्योगों को भी सब्सिडी दी जाए। इससे अन्य राज्यों के उद्योगों से प्रतिस्पर्धा करने में सहूलियत होगी।
चैंबर अध्यक्ष पीके अग्रवाल ने कहा कि आयोग को जानकारी दी गई थी कि कॉमर्शियल एवं औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए बिजली दर पड़ोसी राज्यों से अधिक है। इस कारण सभी कॉमर्शियल और औद्योगिक प्रतिष्ठानों को प्रतिस्पर्धा करने में कठिनाई हो रही है। सरकार ने कुछ रियायत प्रदान करने के लिए एचटी उपभोक्ताओं को दो श्रेणी में बांटा है। इससे यह पता लग सकेगा कि उद्योग में कितनी बिजली की खपत हो रही है ।