पटना। बिहार विद्युत विनियामक आयोग के वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए जारी आदेशों के लिए बिहार उद्योग संघ (बीआईए) ने आयोग को बधाई दी है। बीआईए का कहना है कि आयोग ने औद्योगिक प्रक्षेत्र के उपभोक्ताओं के लिए अलग श्रेणी निर्धारित किया है। इससे काफी लाभ मिलेगा।
एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान में राज्य सरकार एचटी श्रेणी के उपभोक्ताओं को छोड़कर सभी उपभोक्ताओं को बिजली अनुदान दे रही है। उम्मीद है कि राज्य में औद्योगिकरण की प्रक्रिया को बल देने के मद्देनजर नई श्रेणी के उपभोक्ताओं को भी बिजली अनुदान देगी।
इस श्रेणी के उपभोक्ताओं को लगभग 20 प्रतिशत अधिक क्रॉस सब्सिडी का भार वहन करना पड़ रहा है। इस कारण बिहार के औद्योगिक उपभोक्ता प्रतिस्पर्धा में दूसरे राज्यों से पिछड़ रहे हैं। बिजली संचरण एवं वितरण हानि अभी 30 प्रतिशत के लगभग है। एसोसिएशन ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे आयोग के दिशा-निर्देश के अनुसार 15 प्रतिशत करने की मांग को पुनः दोहराया है।
संघ ने राज्य में औद्योगिक प्रक्रिया को तेज करने के मद्देनजर विभिन्न श्रेणी के औद्योगिक उपभोक्ताओं को बिजली अनुदान के रूप में 1.50 रूपए प्रति यूनिट देने एवं एक देश-एक बिजली दर फॉर्मूला लागू करने की भी मांग की है।
इस मौके पर बीआईए के महासचिव आशीष रोहतगी, कोषाध्यक्ष मनीष कुमार तिवारी, पूर्व अध्यक्ष केपीएस केशरी एवं राम लाल खेतान, पूर्व उपाध्यक्ष सुभाष कुमार पटवारी एवं सदस्य नमीत पटवारी मौजूद रहे।