पटना। राज्य में हत्या, लूटपाट एवं रंगदारी जैसी बढ़ रही अपराधिक घटनाओं पर बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन एवं बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स ने गहरी चिंता व्यक्त की है। राज्य में बढ़ रही आपराधिक घटनाओं में मुख्य रूप से उद्यमी-व्यवसायियों को निशाना बनाया जा रहा है।
बीआईए के अध्यक्ष अरुण अग्रवाल ने कहा कि किसी भी देश, राज्य, समाज के विकास एवं उन्नति के लिए शांतिपूर्ण वातावरण का होना आवश्यक है। काफी प्रयास के बाद राज्य में व्यवसाय का माहौल बना है। इससे राज्य में रोजगार के स्थायी विकल्प तैयार हो रहे हैं, लेकिन लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाएं राज्य के विकास के लिए अच्छा संकेत नहीं है।
30 मार्च, 2022 को पटना सिटी के तिल तेल व्यवसायी प्रमोद बागला को उनके गेट के सामने ही अपराधियों ने दिनदहाड़े गोली मार कर हत्या कर दी। अपराधियों की गोली से बागला के पुत्र एवं एक अन्य कर्मचारी भी घायल हो गए।
31 मार्च, 2022 को पटना सिटी क्षेत्र के खाजेकलां थाना क्षेत्र में एक अन्य दुकानदार के इकलोते बेटे की हत्या कर दी गई।
31 मार्च, 2022 को ही बीआईए के पूर्व अध्यक्ष रामलाल खेतान के फतुआ स्थित वेयर हाउसिंग परिसर में असामाजिक तत्वों ने तोड़-फोड़ एवं मारपीट की। वेयर हाउसिंग परिसर में कोका-कोला प्रोडक्ट का भंडारण किया जाता है। तोड़-फोड़ में लाखों की संपत्ति बर्बाद हुई। इस संबंध में फतुआ थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स के महामंत्री अमित मुखर्जी का कहना है कुछ आसामाजिक तत्व इस तरह की घटनाओं को अंजाम देकर राज्य के शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही राज्य सरकार एवं पुलिस प्रशासन को बदनाम करने के लिए सॉफ्ट टारगेट व्यवसायी वर्ग को निशाना बना रहे हैं।
बीआईए एवं चैंबर ऑफ कॉमर्स ने मुख्य सचिव, डीजीपी, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव, पटना रेंज के आईजी एवं एसएसपी से अनुरोध किया है कि ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।