मुख्य समाचार

ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुधन की खास भूमिका

पटना। ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती में पशु एवं मत्स्य संसाधनों की खास भूमिका है। पशु एवं मत्स्यपालकों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए विभाग को संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ काम करना होगा। डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सरकार की सोच एवं सात निश्चय के लक्ष्यों पर तत्परता से काम करें।

पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार की कई महत्वाकांक्षी योजनाएं संचालित हैं। चालू वित्त वर्ष में पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के लिए आवंटित राशि का शत-प्रतिशत सदुपयोग होना चाहिए।

जनता का पैसा जनता तक पहुंचे। इसकी कारगर व्यवस्था हो। गोवंश के संरक्षण एवं संवर्धन पर संवेदनशीलता के साथ काम करें। उन्होंने निबंधित गौशालाओं की जानकारी विभाग को देने एवं संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी और गौशाला सचिवों के साथ बैठक करने का निर्देश दिया।

बैठक के दौरान पशुपालन, मत्स्य संसाधन एवं दूध उत्पादन से संबंधित राज्य स्कीम, सात निश्चय-2 एवं केंद्र प्रायोजित स्कीम की समीक्षा की गई। डिप्टी सीएम ने कहा कि पशु आहार की जांच के लिए भी समुचित लेबोरेट्री की व्यवस्था होनी चाहिए।

इस मौके पर पशुपालन निदेशक विनोद सिंह गुंजियाल, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के संयुक्त सचिव केशवेंद्र कुमार, कॉम्फेड की एमडी शिखा श्रीवास्तव, मत्स्य निदेशक निशात अहमद, गव्य निदेशक संजय कुमार एवं विभाग के वरीय पदाधिकारी मौजूद रहेे।

 


संबंधित खबरें