पटना/नई दिल्ली। कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की। बिहार से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय बैठक में शामिल हुए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह स्पष्ट है कि कोरोना की चुनौती पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। ओमिक्रॉन और इसके सब वेरिएंट समस्या पैदा कर सकते हैं। यूरोप के कई देशों में ऐसे मामले देखे जा रहे हैं। पिछले दो हफ्तों में भारत के कुछ राज्यों में बढ़ते मामलों से पता चलता है कि हमें सतर्क रहने की जरूरत है।
उन्होंने राज्यों को नियमित रूप से डेटा की निगरानी और रिपोर्ट करने, प्रभावी निगरानी, बुनियादी ढांचे के उन्नयन और केंद्र से मिली राशि के उपयोग पर जोर दिया। कोरोना के सबसे अधिक मामले दिल्ली एवं एनसीआर के शहरों में मिल रहे हैं। कई राज्यों ने मास्क को अनिवार्य करने एवं कोविड अनुकूल व्यवहार को सुनिश्चित करने की बात कही।

प्रधानमंत्री ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में केंद्र और राज्य के सामूहिक प्रयासों की चर्चा की। उन्होंने मुख्यमंत्री,अधिकारी और सभी कोरोना योद्धाओं के प्रयासों की सराहना की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विशेषज्ञों के अनुसार वैक्सीन कोरोना के खिलाफ सबसे बड़ा बचाव है। टीका प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंच गया है। 96 प्रतिशत लोगों को खुराक का एक टीका और 15 वर्ष से अधिक उम्र के लगभग 84 प्रतिशत लोगों ने दोनों खुराक ले ली है। हमारी प्राथमिकता सभी योग्य बच्चों का जल्द से जल्द टीकाकरण कराना है। इसके लिए पहले की तरह स्कूलों में भी विशेष अभियान चलाने की जरूरत होगी।