पूर्णिया। देश के पहले ग्रीन फील्ड ग्रेन बेस्ड इथेनॉल प्लांट का शुभारंभ पूर्णिया के परोरा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया। बिहार सरकार की इथेनॉल उत्पादन प्रोत्साहन नीति 2021 की मंजूरी के बाद यह राज्य का पहला इथेनॉल प्लांट है। 105 करोड़ की लागत से इस्टर्न इंडिया बायोफ्यूल्स प्राइवेट लिमिटेड ने यूनिट लगाई है। प्लांट की प्रतिदिन उत्पादन क्षमता 65 हजार लीटर है।
मुख्यमंत्री ने प्लांट का जायजा लेने के दौरान मिलिंग सेक्शन, पावर प्लांट, 25 टीपीएच एएफबीसी बॉयलर, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, डीडीजीएस ड्रॉयर सेक्शन, प्लांट की उत्पादन क्षमता, रोजगार सृजन एवं किसानों को मिलनेवाले लाभ की जानकारी ली। इस मौके पर इथेनॉल प्लांट के प्रमोटर अमिताभ वर्मा एवं अविनाश वर्मा, एमडी अंचित वर्मा, उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन और खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेशी सिंह मौजूद रहे।

प्लांट के उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने बताया कि मक्का, गन्ना एवं चावल से यहां इथेनॉल का उत्पादन होगा। बिहार में मक्का का उत्पादन अधिक होता है, लेकिन फसल बाहर चली जाती है। प्लांट लगने से आसपास के किसानों को काफी लाभ होगा और इससे रोजगार भी बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि पहले पेट्रोल-डीजल में इथेनॉल के उपयोग की सीमा दस प्रतिशत थी, लेकिन अब इसका उपयोग बीस प्रतिशत तक होगा। पेट्रोल-डीजल बाहर से मंगवाना पड़ता है। अगर इथेनॉल बन जाएगा, तो इससे देश को काफी लाभ होगा। सीमांचल के लोगों को भी इसका भरपूर फायदा होगा। बिहार में उद्योग का विस्तार हो रहा है। अन्य जगहों के लिए भी इथेनॉल प्लांट की तैयारी पूरी हो चुकी है।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधि दिलीप जायसवाल, कृष्ण कुमार ऋषि एवं विजय खेमका, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, उद्योग विभाग के प्रधान सचिव संदीप पौंड्रिक, पुलिस एवं जिला प्रशासन के वरीय अधिकारी मौजूद रहे।