पटना। बिहार में जाति आधारित गणना होगी। इसके लिए शीघ्र कैबिनेट का निर्णय होगा। सर्वदलीय बैठक में सहमति के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस काम के लिए राशि की जरूरत होगी। कैबिनेट की मंजूरी से सभी काम बहुत जल्दी हो जाएगा।
सर्वदलीय बैठक में डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल, राजद सांसद मनोज झा, कांग्रेस विधायक दल के नेता अजीत शर्मा सहित कई पार्टी के नेता मौजूद रहे। सभी नेताओं ने जातीय गणना कराने के पक्ष में अपनी राय एवं सुझाव दिए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जाति आधारित गणना के लिए विज्ञापन भी जारी किया जाएगा, ताकि सभी चीज को लोग समझ सकें। कैबिनेट के माध्यम से हमलोग तय कर देंगे कि सभी काम एक तय समय सीमा के अंदर हो। हर जाति-धर्म का पूरा आंकलन किया जाएगा। जातीय गणना का मकसद लोगों को आगे बढ़ाना है। जो पीछे या उपेक्षित हैं। वे आगे बढ़ें। अलग-अलग जाति में कई उपजातियां हैं। सभी की गणना की जाएगी।
यह कहा गया कि राष्ट्रीय स्तर पर जातीय गणना नहीं होगी, लेकिन राज्य सरकार इसे करेगी। बिहार में इसे अच्छे ढंग से किया जाएगा। सीएम ने कहा कि सभी राज्य इसपर विचार कर रहे हैं। अगर सभी राज्यों में हो जाएगा, तो राष्ट्रीय स्तर पर यह ऑटोमेटिक हो जाएगा।