पटना। जाति आधारित गणना सबके पक्ष में है। यह किसी के खिलाफ नहीं है। इसी के आधार पर विकास के लिए और क्या करना है। इसकी जानकारी मिलेगी। हर जाति एवं हर धर्म के लिए बहुत अच्छे ढंग से गणना की जाएगी। यह भी जानने की कोशिश होगी कि उनकी आर्थिक स्थिति क्या है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ये बातें विधानसभा परिसर में निर्माणाधीन शताब्दी स्मृति स्तंभ का जायजा लेने के बाद कहीं।
उन्होंने कहा कि सर्वदलीय बैठक के आधार पर ही जातीय गणना कराने की स्वीकृति कैबिनेट से दी गई है। इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग पूरी तैयारी कर रहा है। इस काम में जिनलोगों को जिम्मेदारी दी जाएगी, उनकी भी ट्रेनिंग होगी। किसी काम को शुरू करने में थोड़ा वक्त लगता है।
समय-समय पर इस संबंध में सरकार सभी पार्टियों को जानकारी देती रहेगी, ताकि वे अपना सुझाव देते रहें। हमलोगों ने वर्ष 1990 के दौरान ही इस संबंध में चर्चा की थी। अब राज्य में इसे करने का निर्णय लेकर काम किया जा रहा है। इसका नतीजा बहुत अच्छा आएगा।

विपक्ष के राज्य सरकार के कार्यों की रिपोर्ट कार्ड जारी करने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों को नवंबर, 2005 से काम करने का मौका मिला है। आप देख लीजिए तब से कितना काम हुआ है। किसी भी पार्टी को अपनी बातों को कहने का अधिकार है। बिहार में क्या-क्या काम किया गया है। आपलोग देखें और लोगों को इसके बारे में बताएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शताब्दी स्मृति स्तंभ जब बनकर तैयार हो जाएगा, तो यह काफी आकर्षक होगा। निरीक्षण के दौरान बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा, शिक्षा सह संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी, भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि, डीएम चंद्रशेखर सिंह, एसएसपी मानवजीत सिंह ढिल्लो एवं अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित रहेे।