पटना। उद्योग क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहे बिहार में कंप्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) उत्पादन की कई यूनिट लगेगी। छोटी-बड़ी कई कंपनियां बिहार में कंप्रेस्ड बायो गैस उत्पादन की यूनिट लगाने के लिए उद्योग विभाग और तेल कंपनियों के संपर्क में है। गोबर, कृषि क्षेत्र से निकलने वाले कचरे एवं अन्य अपशिष्ट पदार्थों से तैयार कंप्रेस्ड बायो गैस से गाड़ियां भी चलेंगी।
उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन ने होटल मौर्या में आयोजित इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के एक कार्यक्रम में ये बातें कहीं। उद्यमी, कारोबारी एवं उद्योगपतियों को प्रोत्साहित करने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। परिचर्चा में राज्य से करीब दो सौ प्रतिभागी शामिल हुए। सभी ने प्लांट लागत के साथ भविष्य में इसकी संभावनाओं पर जानकारी ली।
उद्योग मंत्री ने कहा कि बिहार में उद्योग लगाने की हर संभावना पर हमारी पैनी नजर है। इसका एक भी मौका हम बेकार नहीं जाने दे रहे हैं। आत्मनिर्भर भारत संकल्प को पूरा करने के लिए कई योजनाएं चल रही हैं। इन्हीं में एक ग्रीन फील्ड यानी कंप्रेस्ड बायो गैस उत्पादन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
कंप्रेस्ड बायो गैस का इस्तेमाल हल्की तब्दीली के साथ सीएनजी की तरह वाहनों में ईंधन के रूप में किया जा सकता है। बिहार में कृषि अवशेष एवं पशु अपशिष्ट जैसे गोबर और अन्य अपशिष्ट पदार्थों से कंप्रेस्ड बायो गैस का उत्पादन करने के लिए पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं। कार्यक्रम में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के कार्यकारी निदेशक विभास कुमार, उद्योग विभाग के तकनीकी निदेशक संजीव कुमार एवं कई उद्यमी मौजूद रहे।