मुख्य समाचार

पंचायती राज प्रतिनिधियों के लिए उन्मुखीकरण कार्यक्रम

पटना। पंचायती राज संस्थाओं के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के उन्मुखीकरण कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2006 में पंचायती राज संस्था और शहरी निकाय चुनावों में महिलाओं को पचास प्रतिशत आरक्षण देनेवाला बिहार पहला राज्य बना। उस समय राष्ट्रीय प्रावधान के अनुसार पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण का प्रावधान था। अब तो पचास प्रतिशत से भी अधिक महिलाएं चुनकर आने लगी हैं।

वर्ष 2001 के चुनाव में किसी को आरक्षण नहीं था। हमलोगों ने पंचायती राज संस्था और शहरी निकाय चुनावों में अति पिछड़े वर्ग को बीस प्रतिशत, अनुसूचित जाति को सोलह प्रतिशत तथा अनुसूचित जनजाति को भी एक प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान कर दिया। यह भी तय किया गया कि दो चुनाव के बाद आरक्षित क्षेत्रों का रोटेशन होगा ताकि सभी लोगों को मौका मिले।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 14वें वित्त आयोग में केंद्र से सिर्फ पंचायत स्तर के लिए ही राशि मिली। जिला और प्रखंड स्तर पर भी राशि के प्रावधान के लिए हमलोगों ने काफी प्रयास किया। इसके बाद 15वें वित्त आयोग ने तीनों स्तर पर आवंटन का प्रावधान कर दिया।

उन्होंने कहा कि पंचायत सरकार भवन का निर्माण कराया जा रहा है। हमलोगों ने पंचायत सरकार भवन नाम दिया यानी जो भी व्यवस्था है सिर्फ राज्य में सरकार के तौर पर नहीं है बल्कि बाकी लोगों की भी सरकार है। 3200 पंचायत सरकार भवन के निर्माण का काम शुरू है। इसमें 1484 में काम पूरा हो गया है और शेष का काम जारी है।

2000 पंचायत सरकार भवनों का और प्रावधान किया गया है। अगले वर्ष बचे हुई सभी पंचायतों के लिए भी स्वीकृति दी जाएगी। सात निश्चय के तहत वर्ष 2015 से हर घर नल का जल पहुंचाया गया। हर घर तक पक्की गली-नाली और हर घर में शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है। लोगों के इलाज के साथ पशुओं के इलाज की भी व्यवस्था की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की मांग पर राज्य में शराबबंदी लागू की गई है। बाल विवाह एवं दहेज प्रथा पर भी नजर रखनी है। कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद एवं रेणु देवी, पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी, विकास आयुक्त विवेक कुमार सिंह एवं पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव मिहिर कुमार सिंह ने भी संबोधित किया।

 

 


संबंधित खबरें