पटना। छात्रों से एक अपील में डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि वे अपने प्रदर्शन में उपद्रवी तत्वों को शामिल नहीं होने दें। शांतिपूर्ण ढंग से विरोध-प्रदर्शन करें। युवा किसी के बहकावे में नहीं आएं एवं हिंसक गतिविधियों में शामिल न हों। हिंसा में शामिल होने पर उनके कैरियर पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। सरकारी संपत्ति जनता की संपत्ति है। इसे नुकसान नहीं पहुंचाएं। रेलवे एवं सड़क यातायात को बाधित नहीं करें।
अफवाह एवं अपुष्ट सूचनाओं पर भी ध्यान नहीं देने की अपील की गई है। फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप एवं इंस्टाग्राम पर किसी भी तरह के भ्रामक, झूठे एवं हिंसक मैसेज, फोटो और वीडियो पोस्ट नहीं करें। एक अच्छे नागरिक की तरह कानून का पालन करें।
डीएम ने बताया कि अग्निपथ भर्ती योजना के विरोध में 18 जून को तारेगना रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शनकारियों ने दो चारपहिया एवं छह दोपहिया वाहनों में आग लगा दी। तारेगना स्टेशन पर कार्रवाई में अभी तक 61 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। छापेमारी अभियान जारी है।

मसौढ़ी के दो कोचिंग संस्थानों पर एफआईआर की गई है। उनपर हिंसा के लिए लोगों को भड़काने का आरोप है। मसौढ़ी के अतिरिक्त पालीगंज, मनेर और पटना के भी कुछ कोचिंग संस्थानों का नाम आया है। इनका सत्यापन कराया जा रहा है। प्रमाणित होने पर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
17 जून को दानापुर और पालीगंज घटनाओं में शामिल 170 लोगों की पहचान की गई। इन सभी के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज कर 86 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सीसीटीवी फुटेज, वीडियो कैमरा और सोशल मीडिया में पोस्ट के आधार पर दोषियों की पहचान की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि अर्धसैनिक बल की कंपनियां तैनात की गई हैं। पुलिस लगातार पेट्रोलिंग कर रही है।