पटना। उद्योग क्षेत्र में बिहार ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी कामयाबी हासिल की है। नेशनल एमएसएमई अवार्ड 2022 के लिए चयनित राज्यों में बिहार भी शामिल है। प्रधानमंत्री 30 जून को दिल्ली में सम्मानित करेंगे।
बिहार को एमएसएई सेक्टर के प्रोत्साहन और विकास के लिए दूसरा पुरस्कार मिला है। उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन ने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि औद्योगीकरण की राह पर आगे बढ़ रहे बिहार के लिए यह बहुत बड़ा प्रोत्साहन है। बिहार में पिछले डेढ़ साल में करीब 36 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव आए हैं। इनमें अधिकतर एमएसएमई सेक्टर के हैं।
बिहार में छोटे-बड़े उद्योगों की स्थापना और राज्य में उद्योगों के विकास के लिए बेहतरीन माहौल बनाने की पूरी कोशिश की गई है। इन कोशिशों में युवाओं को भी भागीदार बनाने के लिए मुख्यमंत्री उद्यमी योजनाओं के तहत अत्यंत प्रभावी कदम उठाया गया है।
वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए मुख्यमंत्री उद्यमी योजनाओं के लिए 16 हजार लाभार्थियों का चयन किया गया। पांच लाख अनुदान और पांच लाख साधारण ब्याज पर हर लाभार्थी को दस लाख रकम दी जा रही है।
उद्योग मंत्री ने बताया कि अबतक पूरे राज्य में चार हजार से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम दर्जे की औद्योगिक इकाईयों ने उत्पादन शुरू कर दिया है। इनमे बीस हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है। उद्यमी योजनाओं के तहत चयनित लाभार्थियों के उद्यम शुरू करने के बाद एक लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
एमएसएमई को प्रोत्साहित करने के लिए बियाडा से मिलने वाली वाली जमीन में 25 प्रतिशत् आरक्षण एमएसएमई के लिए किया गया है। मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के बजट में भी वृद्धि की गई है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के लिए बजट प्रावधान 120.70 करोड़ रुपए था। यह वित्तीय वर्ष 2021-22 में बढ़कर 809.80 करोड़ हो गया है।
राज्य में संचालित पीएसयू कलस्टर योजना, नवप्रवर्तन एवं मुख्यमंत्री सूक्ष्म,लघु उद्योग कलस्टर योजनाएं राज्य में एमएसएमई सेक्टर को प्रोत्साहित करने के लिए कारगार योजनाएं हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उद्योग विभाग के प्रधान सचिव संदीप पौंड्रिक एवं उद्योग निदेशक पंकज दीक्षित भी मौजूद रहे।