पटना/नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि बिहार में अगर टेक्सटाइल उद्योग के लिए अपार संभावनाएं हैं, तो इस पर अच्छे से विचार होना चाहिए। इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट प्रोग्राम की पहली एपेक्स मॉनिटरिंग अथॉरिटी की बैठक में उन्होंने बिहार को मित्र पार्क मिलने की सिफारिश की।
दिल्ली के होटल अशोका में हुई बैठक में वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, छह राज्यों के मुख्यमंत्री एवं 12 राज्यों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
बिहार का प्रतिनिधित्व उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन ने किया। बैठक में बिहार को पीएम मित्र पार्क मिलने सें संबंधित सभी तथ्यों को उन्होंने मजबूती से रखा। उन्होंने कहा कि बिहार देश का टेक्सटाइल हब बन सकता है। बेतिया जिले में 1719 एकड़ भूमि चिन्हित कर ली गई है।
बिहार के पास टेक्सटाइल उद्योगों के लिए पर्याप्त प्रशिक्षित श्रम शक्ति है। कुशीनगर एयरपोर्ट बनने से बेहतरीन सड़क कनेक्टिविटी के साथ इंटरनेशनल एयर कनेक्टिविटी भी तैयार हो गई है।

औद्योगीकरण के लिए केंद्र की सभी योजनाओं को बिहार सरकार अत्यंत सक्रियता से पूरा करेगी। अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर प्रोजेक्ट के तहत गया में 1670 एकड़ जमीन पर इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित करने का काम तेजी से चल रहा है।
इसके लिए 1200 एकड़ जमीन का अधिग्रहण हो गया है। बची जमीन का अधिग्रहण सितंबर 2022 तक पूरा हो जाएगा। इसके लिए उद्योग विभाग की तरफ से 83 करोड़ राशि आधारभूत संरचना विकास प्राधिकार को उपलब्ध करा दी गई है।
उद्योग मंत्री ने पीएम गति शक्ति पार्ट दो के लिए 503 करोड़ की राशि बिहार को उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बिहार में उद्योग के लिए बहुत बड़ा लैंड बैंक उपलब्ध है। अगर विभिन्न परियोजनाओं के तहत केंद्र के समक्ष रखे गए प्रस्तावों पर विचार करते हुए 1200 करोड़ की राशि उपलब्ध कराई जाती है, तो इससे राज्य के औद्योगीकरण को काफी बल मिलेगा।