पटना। राज्य के सभी 8387 मुखियाओं को प्राकृतिक खेती की जानकारी बिहार प्रसार प्रबंधन एवं प्रशिक्षण संस्थान (बामेती) के माध्यम से मिल रही है। अब तक 4701 मुखियाओं ने ऑनलाइन प्रशिक्षण लिया है। इनमें 2470 पुरुष एवं 2231 महिलाएं हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम बीस जून से चार अगस्त तक निर्धारित है। एक दिन में चार जिलों की ग्राम पंचायतों के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था है। प्रत्येक जिले से औसतन पचास मुखिया प्रशिक्षण में भाग लेते हैं। प्राकृतिक खेती की जानकारी देने के लिए राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंधन संस्थान, हैदराबाद ने गया, पूर्णियां एवं कटिहार के उप परियोजना निदेशक को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया है।
बामेती के निदेशक आभांशु सी. जैन ने बताया कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए भारतीय प्राकृतिक कृषि पद्धति योजना शुरू की गई है। योजना के अंतर्गत प्रखंड स्तर पर चार से पांच ग्राम पंचायतों को मिलाकर एक हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल का चयन कर प्राकृतिक खेती के तरीकों से खेती करायी जाएगी। प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को दो रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता भी मिलेगी।