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सौर ऊर्जा के प्रति लोगों को करें जागरूक : सीएम

पटना। सौर ऊर्जा के प्रति लोगों को जागरूक करें। यही प्रकृति प्रदत्त अक्षय ऊर्जा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी सरकारी भवनों पर सौर ऊर्जा से संबंधित उपकरण लगाने एवं उसे मेंटेन रखने का प्रबंध करें। इससे काफी लाभ होगा। पर्यावरण भी स्वच्छ रहेगा और पैसों की भी बचत होगी। मुख्यमंत्री जल-जीवन-हरियाली अभियान से संबंधित समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहेे थे।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आवास में भी सौर ऊर्जा को लेकर काम कराया गया है। अभी जो बिजली मिल रही है। उसकी एक सीमा है। पहले बिहार का हरित आवरण काफी कम था। वर्ष 2012 में हरियाली मिशन की स्थापना कर काफी संख्या में पौधे लगाए गए। इसका परिणाम है कि अब राज्य का हरित आवरण 15 प्रतिशत से अधिक हो चुका है। बिहार की आबादी और क्षेत्रफल को ध्यान में रखते हुए हरित आवरण की सीमा 17 प्रतिशत करने का लक्ष्य है। इसके लिए बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि वर्ष 2019 में पर्यावरण संरक्षण को लेकर सभी दलों के विधायक एवं विधान पार्षदों के साथ करीब आठ घंटे तक बैठक हुई थी। सर्वसम्मति से जल-जीवन-हरियाली अभियान चलाने का निर्णय लिया गया था। इसके लिए मानव श्रृंखला भी बनाई गई। इसमें पांच करोड़ से अधिक लोगों की भागीदारी थी।

किसानों को फसल अवशेष के प्रति जागरूक करने पर भी उन्होंने जोर दिया। किसानों को यह बताएं कि फसल अवशेष जलाने के क्या दुष्परिणाम होते हैं। बिहार में पहले फसल अवशेष खेतों में नहीं जलाया जाता था। अब पटना, नालंदा के अलावा उत्तर बिहार के लोग भी फसल अवशेष खेतों में जलाने लगे हैं। यह पर्यावरण के लिए घातक है।

जल संसाधन विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने गंगा जल आपूर्ति योजना एवं जल-जीवन-हरियाली अभियान के मिशन निदेशक राहुल कुमार ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।

बैठक में उपमुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री, शिक्षा मंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, जल संसाधन एवं लघु जल संसाधन मंत्री, कृषि मंत्री, ग्रामीण विकास मंत्री, पंचायती राज मंत्री, मुख्य सचिव, विकास आयुक्त एवं संबंधित विभागों के प्रधान सचिव एवं सचिव मौजूद रहे।

 


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