पटना। सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में बैंकों की बड़ी भूमिका है। जनधन खाता और डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खाते में राशि हस्तांतरण के अच्छे परिणाम मिले हैं। सरकार चाहती है कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लाभार्थियों को सीधे मिले। इसलिए बैंकों को काफी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ काम करने की जरूरत है। डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद ने होटल मौर्या में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की बैठक में उक्त बातें कहीं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने भी पूर्व में बैंक के प्रतिनिधियों को स्पष्ट तौर कहा है कि पंचायत सरकार भवनों में बैंकों की शाखाएं खुले, ताकि लाभार्थियों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ एवं अन्य बैंकिंग सुविधाएं आसानी से प्राप्त हो सके। इसके अलावा एसएलबीसी की बैठक में बैंक के प्रतिनिधियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि बिहार की राशि बिहार के विकास में ही खर्च हो।
डिप्टी सीएम ने कहा कि कृषि क्षेत्र हो या उद्योग, बिजनेस सेक्टर अथवा अन्य क्षेत्र सभी बैंक निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करें। बैंकों का दायित्व सिर्फ ऋण देने तक ही सीमित नहीं है बल्कि लाभार्थियों का मार्गदर्शन भी करना है।
वित्तीय वर्ष 2021-22 में बिहार के बैंकों ने वार्षिक साख योजना (एसीपी) लक्ष्य 1,61,500 करोड़ रुपए के विरुद्ध 1,60,837 करोड़ रुपए वितरित किया है। यह उपलब्धि 99.59 प्रतिशत है। वित्तीय वर्ष 2017-18 से लेकर चालू वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान वार्षिक साख योजना का आकार 1,10,000 करोड़ रुपए से बढ़कर दो लाख करोड़ रुपए से भी अधिक हो चुका है।
राज्य का साख-जमा अनुपात (सीडी रेशियो) मार्च 2022 के अंत में 52.96 प्रतिशत रहा है। यह अब तक का अधिकतम है। यह सराहनीय है, लेकिन इस दिशा में बैंकों को और मेहनत करने की जरूरत है। सभी बैंक प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, अटल पेंशन योजना, जीवन ज्योति सुरक्षा बीमा, रोजगार सृजन एवं आवास ऋण योजना सहित अन्य महत्वाकांक्षी योजनाओं के लक्ष्य के अनुरूप बेहतर कार्य करें।
ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि जीविका समूह की दीदियों ने बेहतर काम किया है। 2,91,000 इंदिरा आवासों को पूरा करने के लिए बैंक लाभार्थियों को ऋण की सुविधा उपलब्ध कराए।
इस मौके पर एसबीआई के मुख्य महाप्रबंधक सुरेंद्र राणा, आरबीआई के क्षेत्रीय विकास अधिकारी संजीव दयाल, नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक डॉ सुनील कुमार, विकास आयुक्त विवेक कुमार सिंह, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव एस. सिद्धार्थ, कृषि और पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के सचिव डॉ एन. श्रवण कुमार, वित्त विभाग के विशेष सचिव मुकेश लाल, उद्योग विभाग के विशेष सचिव दिलीप एवं विभिन्न बैंकों के वरीय पदाधिकारी मौजूद रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सभी जिला पदाधिकारी, उप समाहर्ता (बैंकिंग) और जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक भी जुड़े रहे।