पटना। बिहार स्टार्ट-अप पॉलिसी 2022 का उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन ने शुभारंभ किया। युवा उद्यमी जो स्टार्टअप्स शुरू कर सरकार की प्रोत्साहन योजनाओं का लाभ उठाना चाहते हैं,उनके लिए स्टार्टअप पोर्टल भी शुरू किया गया है। आवेदक startup.indbih.com पर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इस मौके पर उद्योग विभाग के निदेशक पंकज दीक्षित, तकनीकी निदेशक संजीव कुमार एवं विशेष सचिव दिलीप कुमार मौजूद रहे।
विकास भवन में लांचिग समारोह को संबोधित करते हुए उद्योग मंत्री ने कहा कि बिहार स्टार्ट-अप पॉलिसी 2022 के तहत सीड फंड के रूप में दस साल के लिए दस लाख रुपए की रकम बिना ब्याज के दी जाएगी। सीड फंडिंग के बाद भी स्टार्ट-अप्स के ग्रोथ में या उसकी सफलता सुनिश्चित करने के लिए मार्गदर्शन, ट्रेनिंग या मार्केटिंग में मदद के लिए स्टार्टअप पॉलिसी 2022 के तहत आवश्यक प्रावधान किए गए हैं।
उन्होने कहा कि बिहार में एमएसएमई सेक्टर का तेजी से विकास हो रहा है। एमएसएमई के ग्रोथ के साथ राज्य को स्टार्टअप कैपिटल बनाने का लक्ष्य प्राथमिकता सूची में है। बिहार के औद्योगिकीकरण के संकल्प को पूरा करने के लिए कई लक्ष्यों को तय किया गया है। इनमें बड़े उद्योगों की स्थापना, एमएसएमई का व्यापक प्रसार एवं बिहार के पारंपरिक उद्योगों को मजबूती प्रदान करना है। इन्हीं में एक बड़ा लक्ष्य बिहार में स्टार्ट अप्स के ग्रोथ के लिए शानदार इकोसिस्टम तैयार करना है।
उद्योग मंत्री ने बिहार स्टार्टअप पॉलिसी 2022 के तहत मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी देते हुए कहा कि अगर कोई स्टार्टअप कंपनी किसी एक्सीलरेशन प्रोग्राम में हिस्सा लेना चाहती है, तो उसके लिए तीन लाख तक अऩुदान का प्रावधान है। कोई स्टार्टअप कंपनी एंजेल निवेशकों से निवेश प्राप्त करने में सफल रहती है, तो सरकार की तरफ से कुल प्राप्त निवेश का दो प्रतिशत सफलता शुल्क के तौर पर दिया जाएगा।
इसके बाद भी अतिरिक्त फंड की जरुरत रहने पर उद्योग विभाग के स्टार्टअप फंड ट्रस्ट से मैचिंग लोन का भी प्रावधान है। उद्यम और स्वरोजगार के लिए महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए स्टार्टअप पॉलिसी में विशेष प्रावधान किया गया है।
बिहार की अर्थव्यवस्था में स्टार्टअप्स की भागीदारी बढ़ाने के लिए कोवर्किंग स्पेस की भी व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए मौर्यालोक कॉम्प्लेक्स और बीएसएफसी बिल्डिंग, फ्रेजर रोड में स्पेस का निर्माण कराया जा रहा है।
उद्योग विभाग के तकनीकी निदेशक संजीव कुमार ने बताया कि अगले एक महीने में स्टार्टअप्स से सीड फंड के लिए आवेदन मंगाए जाएंगे और चयनित आवेदकों को यथाशीघ्र सीड फंड उपलब्ध करा दिया जाएगा।