मुख्य समाचार

हस्तकरघा विकास के लिए बनेगी समेकित योजना

पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हस्तकरघा क्षेत्र के विकास के लिए समेकित बुनकर विकास योजना की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इससे बुनकरों को विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए अलग-अलग प्रक्रियाओं से नहीं गुजरना होगा। बिहार की टेक्सटाइल एवं लेदर पॉलिसी का भी लाभ उठाने की उन्होंने बुनकरों से अपील की। राष्ट्रीय हस्तकरघा दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम को मुख्यमंत्री संबोधित कर रहे थे।

इस मौके पर हस्तकरघा एवं रेशम निदेशालय की वेबसाइट एवं बिहार हैंडलूम लोगो का लोकार्पण और बिहार हैंडलूम पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। पांच बुनकर नालंदा की बेबी, औरंगाबाद की संगीता, भागलपुर के महफूज आलम, मधुबनी के बदरुल इस्लाम एवं गया के अनिल प्रसाद को सांकेतिक चेक दिया गया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम से पहले बुनकर सहयोग समितियों के स्टॉल को भी देखा।

मुख्यमंत्री ने सरकारी गेस्ट हाउस एवं सरकारी कार्यालयों में हैंडलूम और खादी से बनी चादर, परदा एवं तकिया और डॉक्टर-मरीजों के लिए पोशाक खरीदने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नए डिजाइन के कपड़े तैयार करने के लिए लूम में नई फीटिंग की व्यवस्था एवं विद्युतकरघा के उन्नयन के लिए नई योजना लायी जाएगी। नई टेक्नोलॉजी के उपयोग से बिजली की कम खपत होगी और उत्पादन अधिक होगा।

हस्तकरघा के लिए कच्चा माल केंद्र की स्थापना होेगी ताकि बुनकरों को आसानी से कच्चा माल उपलब्ध हो सके। बुनकरों की आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए राज्य सरकार ने कई कदम उठाए हैं। इसको देखते हुए प्रत्येक बुनकर को दस हजार रुपए की कार्यशील पूंजी उपलब्ध करायी जा रही है। वर्ष 2018-19 से अब तक 6823 बुनकरों ने इसका लाभ लिया है।

उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि बुनकरों का विकास किसी सामाजिक कार्य से कम नहीं है। बुनकर अपने तन के कपड़ों की चिंता किए बिना दूसरों के लिए वस्त्र का निर्माण करता है। उनकी चिंता सरकार का फर्ज है। बुनकरों की योजनाओं के लिए राशि की कमी नहीं होगी। उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन ने कहा कि मुख्यमंत्री समेकित बुनकर विकास योजना शीघ्र शुरू होगी। इससे बुनकरों को हर योजना का लाभ तुरंत मिलेगा।

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कहा कि सतरंगी चादर योजना के सफल क्रियान्वयन से स्वास्थ्य  विभाग लगातार बुनकरों को मजबूती प्रदान कर रहा है। बुनकरों समितियों को सभी रकम का भुगतान कर दिया गया है। मरीजों के परिधान के लिए तीन महीने के भीतर हैंडलूम के वस्त्रों का इस्तेमाल भी शुरू कर दिया जाएगा।

अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान ने कहा कि राज्य के हैंडलूम सेक्टर में 70 फीसदी महिलाएं काम करती हैं। इसलिए इस प्रक्षेत्र को मजबूती देने से महिलाओं का सशक्तिकरण होगा।

कार्यक्रम को मुख्य सचिव आमिर सुबहानी, उद्योग विभाग के प्रधान सचिव संदीप पौंड्रिक एवं बिस्कोटेक्स के अध्यक्ष नकीब अंसारी ने भी संबोधित किया। इस मौके पर अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत एवं डॉ एस. सिद्धार्थ, हस्तकरघा एवं रेशम उद्योग के निदेशक विवेक रंजन मैत्रेय, हैंडलूम उत्पाद के प्रसिद्ध निर्यातक जियाऊल अंसारी एवं कई बुनकर उपस्थित रहे।

 

 


संबंधित खबरें