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उपराष्ट्रपति बनना चाहते थे नीतीश : सुशील मोदी

पटना। राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार उपराष्ट्रपति बनना चाहते थे। जदयू के कई नेताओं ने भाजपा के मंत्रियों से कहा था कि नीतीश कुमार को उपराष्ट्रपति बना दीजिए। जब हमारे पास उम्मीदवार और बहुमत है, तो कोई क्यों बनाएगा। उन्होंने नीतीश कुमार को महत्वाकांक्षी बताते हुए आरजेडी के नेताओं को भी सावधान रहने को कहा।

भाजपा प्रदेश कार्यालय में संवाददाता सम्मलेन को संबोधित करते सुशील कुमार मोदी ने कहा कि आरसीपी सिंह को लेकर भी जदयू सफेद झूठ बोल रही है। आरसीपी सिंह को केंद्र में मंत्री बनाने के लिए नीतीश कुमार ने ही सहमति दी थी। मान लिया जाए कि अगर सिंह को मंत्री बनाने में मुख्यमंत्री की सहमति नहीं थी, तो डेढ़ बर्ष में उन्हें हटा क्यों नहीं दिए।

जदयू के पार्टी तोड़ने के आरोपों को भी खारिज करते हुए कहा कि शिव सेना महाराष्ट्र में हमारी सहयोगी पार्टी नहीं थी, जबकि जदयू सहयोगी पार्टी है। सहयोगी को तोड़ भी देते, तो सरकार कैसे बना लेते। भाजपा ने आज तक किसी को धोखा नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को हमने पांच बार बिहार का मुख्यमंत्री बनाया। 17 वर्षों के संबंध को दो बार एक झटके में तोड़ दिया।

2020 के विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार के नाम पर नहीं बल्कि नरेंद्र मोदी के नाम पर एनडीए को वोट मिले थे। अगर नीतीश के नाम पर लोगों ने वोट दिया होता, तो हमलोग 150 पार कर जाते और जदयू को केवल 43 सीटों पर जीत हासिल नहीं होती।

सुशील कुमार मोदी ने कहा कि पिछली बार जब महागठबंधन से नाता तोड़ा था तब नीतीश कुमार ने कहा था कि भ्रष्टाचार से समझौता नहीं करेंगे, लेकिन आपने फिर से समझौता कर लिया। प्रेस वार्ता में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजफर शमशी, अरविंद सिंह, संतोष पाठक, प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश कुमार सिंह एवं अशोक भट्ट उपस्थित थे।

 


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