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उपराष्ट्रपति बनने की बात बोगस, मेरी कोई इच्छा नहीं थी : सीएम

पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि मेरी उपराष्ट्रपति बनने की बात बोगस है। हमारी ऐसी कोई इच्छा नहीं थी। राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनाव में हमारी पार्टी ने पूरी तरह से एनडीए उम्मीदवार को समर्थन दिया था। चुनाव के बाद ही हमलोगों ने पार्टी की मीटिंग की।

मुख्यमंत्री शहीद दिवस पर सात शहीदों को श्रद्धांजलि देने के बाद पत्रकारों के सवाल का जवाब दे रहे थे। उनसे पूछा गया था कि क्या उपराष्ट्रपति नहीं बनाए जाने के कारण आपने एनडीए छोड़ा ?

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशील मोदी जी को उनकी पार्टी ने कुछ नहीं बनाया, तो वे इस तरह की बात कह रहे हैं। वे इतना मेरे खिलाफ बोलते रहें कि उन्हें कोई जगह मिल जाए। उनलोगों के विषय में हमें कुछ भी नहीं कहना है।

2020 विधानसभा चुनाव के बाद हम मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहते थे। हमारी पार्टी के लोग उनके उम्मीदवारों को जिताने में लगे थे और वे लोग हमारी पार्टी के उम्मीदवारों को हराने में लगे थे। हमारी पार्टी के लोगों की उनके साथ रहने की इच्छा नहीं थी।

हम फिर से महागठबंधन के साथ आ गए हैं। मिलकर काम करेंगे। पूरी मजबूती के साथ विपक्ष के सभी लोग एकजुट होकर आगे बढ़ने की कोशिश करेंगे। मंत्रिमंडल विस्तार के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि शीघ्र विस्तार होगा।

 


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