पटना। संस्कृत के विद्वान डॉ रामप्रिय शर्मा ने कुरानशरीफ का संस्कृत में अनुवाद किया है। कुछ दिनों में संस्कृत में अनुवादित कुरान का प्रकाशन दिल्ली से होगा। महावीर मंदिर में संस्कृत दिवस समारोह के आयोजन के अवसर पर डॉ शर्मा ने यह जानकारी दी।
संस्कृत के प्राध्यापक डॉ सुदर्शन श्रीनिवास शांडिल्य ने कहा कि संस्कृत प्रकृति की भाषा है। संस्कृत भाषा में रचित वेदों में ही विश्व का संपूर्ण ज्ञान समाहित है। वेदों का सार उपनिषद हैं। उपनिषद का सार गीता है। गीता विश्व का सर्वमान्य ग्रंथ है।
महावीर मंदिर न्यास के सचिव आचार्य किशोर कुणाल ने कहा कि भारत में संस्कृत के कई विद्वान हैं। सरकार के साथ समाज का कर्तव्य है कि उन्हे यथोचित सम्मान मिले। महावीर मंदिर की प्रतिष्ठित पत्रिका धर्मायण के संपादक पंडित भवनाथ झा ने संस्कृत में स्वरचित काव्य पाठ किया।
संस्कृत भाषा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि संस्कृत में एक प्रत्यय लगाने पर कई शब्द बन जाते हैं। इसी तरह एक धातु में कई प्रत्यय लगाने पर कई शब्द बन जाते हैं। ठीक इसी तरह सभी मनुष्य एक परमात्मा रूपी जड़ से उत्पन्न हुए हैं। पंडित मार्कंडेय शारदेय ने भी अपने उद्गार व्यक्त किए। कार्यक्रम में आए संस्कृत के सभी विद्वानों को अंगवस्त्र और नैवेद्यम भेंट कर सम्मानित किया गया।