पटना। सूखे की स्थिति में किसानों को हर संभव सहायता का निर्देश मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दिया है। उन्होंने कहा कि डीजल अनुदान योजना के तहत किसानों को तेजी से लाभ दिलाएं ताकि उन्हें राहत मिल सके। किसानों को 16 घंटे निर्बाध बिजली की आपूर्ति करें।
बिजली रहने से किसानों को सिंचाई कार्य में सहूलियत होगी। जितने क्षेत्रों में धान की रोपनी हुई है, उसका बचाव हो सकेगा। वैकल्पिक फसल योजना के तहत इच्छुक किसानों को शीघ्र बीज उपलब्ध कराएं ताकि उन्हें राहत मिल सके।
मुख्यमंत्री ने जहानाबाद, गया एवं औरंगाबाद जिलों में कम बारिश से उत्पन्न स्थिति का हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश दिए। इन जिलों में धान की रोपनी काफी कम हुई है।
हवाई सर्वेक्षण के दौरान जहानाबाद जिले के मोदनगंज, घोसी एवं मखदुमपुर प्रखंड, गया जिले के अतरी, वजीरगंज, टनकुप्पा, मोहनपुर, बाराचट्टी, डोभी, अमास, गुरूआ एवं गुरारू प्रखंड और औरंगाबाद जिले के मदनपुर, देव, कुटुंबा, नवीगंज, औरंगाबाद, रफीगंज एवं गोह प्रखंडों में धान की रोपनी का जायजा लिया।
गया से पटना सड़क मार्ग से लौटने के दौरान मुख्यमंत्री ने मानपुर, खिजरसराय, इस्लामपुर, एकंगरसराय, हिलसा, दनियावां एवं फतुहा प्रखडों के क्षेत्रों में धान की रोपनी का अवलोकन किया। हवाई सर्वेक्षण के दौरान कृषि विभाग के सचिव एन. सरवन कुमार एवं आपदा प्रबंधन सह जल संसाधन विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल भी साथ में थे।