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पितृपक्ष मेला 9 सितंबर से, बेहतर व्यवस्था का निर्देश

गया। पितृपक्ष मेला इस वर्ष नौ सितंबर से 25 सितंबर तक है। पितृपक्ष के दौरान देश एवं विदेशों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने पूर्वजों का पिंडदान और तर्पण करने मोक्षभूमि गया आते हैं। मेले से संबंधित सूचना के लिए पिंडदान गया मोबाइल ऐप विकसित किया गया है।

मेले की तैयारियों से संबंधित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिलनी चाहिए। उनके रहने एवं भोजन की अच्छी व्यवस्था, घाट एवं मंदिर की सफाई, बिजली की निर्बाध आपूर्ति एवं सुरक्षा का विशेष ख्याल रखें।  

उन्होंने कहा कि एक बार मुझे एक महिला श्रद्धालु ने बताया था कि यहां पिंडदानियों को काफी दिक्कत होती है। श्रद्धालु मेले से अच्छे अनुभव लेकर जाएंगे, तो बाहर प्रशंसा करेंगे। इससे राज्य का नाम रौशन होगा और हम सभी को संतुष्टि मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गया देश और दुनिया के लिए ऐतिहासिक और पौराणिक स्थल है। गया शहर को सभी लोग  गया जी के नाम से संबोधित करते हैं। गया शहर की विभिन्न शहरों से बेहतर कनेक्टिविटी की गयी है।

समीक्षा बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने गया में पितृपक्ष मेला क्षेत्र के विभिन्न स्थलों का जायजा लिया। उन्होंने विष्णुपद मंदिर में पूजा-अर्चना कर राज्य की समृद्धि की कामना की। देवघाट का निरीक्षण और रबड़ डैम परियोजना की जानकारी ली। रबड़ डैम परियोजना से पूरे साल श्रद्धालुओं के लिए फल्गू नदी में जल उपलब्ध रहेगा।

मुख्यमंत्री ने रबड़ डैम से सीताकुंड को कनेक्ट करने के लिए मार्ग का निर्माण, अक्षय वट, ब्रह्म सरोवर एवं वैतरणी सरोवर में नियमित सफाई का निर्देश दिया। गया के डीएम डॉ त्याग राजन एसएम ने पितृपक्ष मेला की विस्तृत जानकारी दी। समीक्षा बैठक में गया जिले के प्रभारी मंत्री इसराइल मंसूरी, सहकारिता एवं पर्यटन मंत्री, स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

 

 


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