पटना। बिहार में विभिन्न खाद (उर्वरक) की जरूरत के अनुसार आपूर्ति नहीं हो रही है। इससे किसानों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। खाद की नियमित आपूर्ति के लिए केंद्र सरकार को पत्र भेजा जा रहा है। राज्य में विभिन्न उर्वरकों की आवश्यकता, आवंटन एवं आपूर्ति की समीक्षा के बाद कृषि मंत्री सुधाकर सिंह ने यह जानकारी दी।
बैठक में कृषि विभाग के सचिव डॉ एन. सरवण कुमार, कृषि निदेशक डॉ आदित्य प्रकाश एवं मुख्यालय के वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे। कृषि मंत्री ने बताया कि अब तक धान का आच्छादन 86 प्रतिशत तक हो चुका है। किसानों को धान फसल के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद की जरूरत है। जीरो टॉलरेंस नीति के तहत उर्वरक की कालाबाजारी पर रोक एवं मूल्य नियंत्रण सरकार की प्राथमिकता है।
अप्रैल से अगस्त तक यूरिया 7.70 लाख मीट्रिक टन की आवश्यकता के विरुद्ध 6.71 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध कराया गया है। इसी अवधि में डीएपी 2.50 लाख मीट्रिक टन, एनपीके 1.90 लाख मीट्रिक टन एवं एमओपी 0.95 लाख मीट्रिक टन की जरूरत थी। इसके विरुद्ध डीएपी 69 प्रतिशत, एनपीके 79 प्रतिशत एवं एमओपी 37 प्रतिशत ही आपूर्ति की गई।
कृषि मंत्री ने किसानों से अपील की है कि फसल की गुणवत्ता एवं मिट्टी की उर्वरा शक्ति बरकरार रखने के लिए खाद की अनुशंसित मात्रा ही प्रयोग करें। किसान खाद संबंधित परेशानी के लिए कृषि निदेशालय के हेल्पलाइन नंबर 0612-2233555, जिला स्तर पर जिला पदाधिकारी एवं जिला कृषि पदाधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।