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कार्तिक कुमार ने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री को सौंपा

पटना। बिहार सरकार के मंत्री कार्तिक कुमार ने 31 अगस्त की देर रात अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सौंप दिया। मुख्यमंत्री ने उनका इस्तीफा स्वीकार करते हुए राज्यपाल फागू चौहान को अपनी अनुशंसा भेज दी। कार्तिक कुमार अब राज्य मंत्री परिषद के सदस्य नहीं रहे। गन्ना उद्योग विभाग का अतिरिक्त प्रभार राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री आलोक कुमार मेहता को दिया गया है।

इस्तीफा से एक दिन पहले 30 अगस्त की देर रात कानून मंत्री कार्तिक कुमार का विभाग बदल गया था। कानून (विधि) विभाग की जगह उन्हें गन्ना उद्योग विभाग सौंपा गया था। शमीम अहमद को गन्ना उद्योग विभाग की जगह विधि विभाग आवंटित किया गया है।   

कार्तिक कुमार को आरजेडी कोटे से महागठबंधन सरकार में कानून मंत्री की जिम्मेवारी मिली थी। 16 अगस्त को शपथ लेने के बाद से ही कार्तिक कुमार विवादों में घिर गए। आठ साल पहले अपहरण के एक मामले में वे आरोपी हैं। कोर्ट ने उनके खिलाफ वारंट जारी कर 16 अगस्त को सरेंडर करने के लिए कहा था, लेकिन उस दिन वे मंत्री पद की शपथ ले रहे थे। जमानत के आवेदन के बाद कोर्ट ने एक सितंबर तक गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।

इधर, कार्तिक कुमार के इस्तीफा से पहले पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा था कि मुख्यमंत्री में इतनी हिम्मत नहीं थी की वे अपहरण मामले में फरार कार्तिक कुमार को बर्खास्त कर पाते। केवल विभाग बदल दिया। लालूजी की अनुमति के बिना पत्ता भी नहीं हिल सकता है।  

 


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