पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पुलिस प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों से कहा है कि विधि-व्यवस्था सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। अपराध नियंत्रण में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरतें। एडीजी मुख्यालय प्रतिदिन गंभीर आपराधिक घटनाओं पर की गई कार्रवाई की जानकारी प्रेस एवं सोशल मीडिया को दें। इससे लोगों को सही जानकारी मिल सकेगीे।
मुख्यमंत्री विधि-व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि अपराध अनुसंधान कार्य में तेजी लाएं और इसे समय पर पूरा करें ताकि दोषियों पर शीघ्र कार्रवाई हो सके। पेट्रोलिंग व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर निगरानी करते रहें। सभी थानों में लैंडलाइन फोन फंक्शन में रहे।
मुख्यमंत्री ने जमीन विवाद मामलों के भी शीघ्र निपटारा का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि साठ प्रतिशत से अधिक हत्याएं भूमि विवाद के कारण होती हैं। लैंड सर्वे एंड सेटलमेंट का काम तेजी से हो ताकि भूमि विवाद को लेकर अपराध में कमी आए। राष्ट्रीय मानक के अनुरूप प्रति एक लाख की आबादी पर पुलिसकर्मियों की स्वीकृत पदों की संख्या में वृद्धि करने के लिए तेजी से काम करें।

डीजीपी एसके सिंघल ने मुख्यमंत्री को अपराध नियंत्रण को लेकर किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रही है। एडीजी मुख्यालय जे.एस. गंगवार ने बताया कि राज्य में महिला पुलिस और महिला दारोगा की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसकी सराहना राज्य के बाहर भी हो रही है।
उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मियों की स्वीकृत पदों की संख्या में वृद्धि के बाद प्रति एक लाख की आबादी पर पुलिसकर्मियों की संख्या 192 के करीब हो जाएगी, जबकि राष्ट्रीय मानक 193.95 है। एडीजी सीआईडी जितेंद्र कुमार एवं एडीजी विधि-व्यवस्था संजय सिंह ने भी जानकारी दी। बैठक में मुख्य सचिव आमिर सुबहानी, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ एस. सिद्धार्थ एवं गृह सचिव जितेंद्र श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।