पटना। राज्यसभा सांसद एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बिहार के वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी पिछले दो दिनों से तथ्यों की पूरी जांच किए बिना केंद्र के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने 329 करोड़ राशि निर्गत कर दी है, लेकिन मंत्री कह रहे हैं कि अब तक वृद्ध, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन योजनाओं के तहत बिहार को कोई राशि नहीं मिली है।
बिहार ने 23 अगस्त को ब्याज की राशि केंद्र की संचित निधि में जमा की और एक सप्ताह के अंदर बिहार को 329 करोड़ रुपए केंद्र ने जारी कर दिया। यदि बिहार सरकार ने अप्रैल-मई में ब्याज की राशि जमा कर दी होती, तो यह राशि काफी पहले मिल जाती।
बिहार के साथ भेदभाव के आरोप को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के बाद सर्वाधिक लाभार्थी 37 लाख 57 हजार बिहार के हैं। इनके लिए केंद्र प्रतिवर्ष बिहार को लगभग 1300 करोड़ की सहायता राशि देती है। पूरे देश में तीन करोड़ वृद्ध, दिव्यांग एवं विधवा पेंशनधारियों के लिए केंद्र राज्यों की मदद करता है। इसके अतिरिक्त चार करोड़ लाभार्थी है, जिनका पूरा वहन विभिन्न राज्य सरकारें करती हैं।
हरियाणा के 23 लाख, उत्तर प्रदेश के 40 लाख, गुजरात के 14 लाख एवं असम के 17 लाख अतिरिक्त लाभार्थियों को पेंशन राज्य सरकार अपने बजट से देती है न कि केंद्र सरकार देती है। अधिकतर राज्य सरकारें पांच सौ से एक हजार रुपए प्रति लाभार्थी राज्यांश के रूप में व्यय करती है जबकि बिहार केवल दो सौ से तीन सौ रुपए वहन करता है।