पटना। बिहार के लिए मुर्गी, मछली एवं पशुपालन महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं। इस क्षेत्र से जुड़े अधिकतर लोग ग्रामीण परिवेश से हैं। दूध, मछली और अंडा के उत्पादन बढ़ने से बिहार में स्वरोजगार भी बढ़ा है। जल संसाधन और सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री संजय कुमार झा ने पोल्ट्री एवं एक्वा एक्सपो के समापन के दौरान ये बातें कहीं। तीन दिवसीय एक्सपो का आयोजन ज्ञान भवन में किया गया था।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2016-2017 में बिहार में अंडा का उत्पादन एक करोड़ एक लाख था। 2020-21 में बढ़कर यह तीन करोड़ एक लाख हो गया है। इसी तरह मछली का उत्पादन 2.88 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 7.62 लाख मीट्रिक टन हो गया। उन्होंने किसान और उत्पादकों को सरकार से हर संभव मदद पहुंचाने की बात कही। आयोजकों से इस तरह का आयोजन बिहार के अन्य शहरों में भी करने के लिए कहा। इससे ज्यादा से ज्यादा लोग जागरूक हो सकेंगे।
मंत्री ने कहा कि पटना में इस तरह के एक्सपो का आयोजन पहली बार देखने को मिला है। कार्यक्रम में किसान, उद्यमी और उत्पादकों ने अपनी भागीदारी दिखाई है। इस इंडस्ट्री के विकास के लिए सरकार ने नई कृषि नीति बनाई है। राज्य में पशु विज्ञान विश्वविद्यालय और कॉलेज ऑफ फिशरी की स्थापना की गई है।
कार्यक्रम के आयोजक राकेश कश्यप ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार का सहयोग मिलता रहा, तो जल्द ही पोल्ट्री और एक्वा क्षेत्र नई ऊंचाइयों को छुएगा। उन्होंने अगले वर्ष पुनः इस एक्सपो को भव्य तरीके से लगाने का वादा किया। समापन समारोह के दौरान कई पुरस्कारों की घोषणा की गई। साथ हीं पोल्ट्री एंड एक्वा क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया गया।