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राइस मिलर्स की समस्याओं के निदान के लिए कृषि मंत्री करेंगे पहल

पटना। कृषि मंत्री सुधाकर सिंह ने कहा कि बिहार के राइस मिलर्स की समस्या काफी पुरानी है। इसके समाधान के लिए खाद्य एवं आपूर्ति और सहकारिता विभाग से बात करूंगा। उर्वरक बेचने के लिए आवश्यक योग्यता का निर्णय केंद्र सरकार के कृषि मंत्रालय का है। इसके समाधान के लिए राज्य सरकार की तरफ से मंत्रालय को पत्र भेजा जाएगा।

कृषि मंत्री ने कहा कि जब तक इस नियम में संशोधन नहीं होता है, तब तक कृषि विभाग से 15 दिवसीय प्रशिक्षण प्राप्त कर उर्वरक बेचने का लाइसेंस ले सकते हैं। कृषि विभाग बाजार समिति को पुनर्जीवित करने जा रहा है। इससे बिहार की सभी मंडियां आधुनिक हो जाएंगी।

कृषि मंत्री दो दिवसीय राइस एंड ग्रेंस टेक एक्सपो 2022 के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। मिलर हाई स्कूल ग्राउंड में एक्सपो को आयोजन बिहार स्टेट राइस मिल एसोसिएशन एवं मूकांबिका ने किया है।

एक्सपो में बिहार एवं अन्य राज्यों से आए राइस मिलर्स ने कारोबार से जुड़ी परेशानियों को बताया। किसान नेता अरविंद उर्फ पप्पू सिंह ने मुख्यतः चार समस्याओं पर जोर देते हुए इनके शीघ्र समाधान की अपील की।  

1. पैक्स की तरह राइस मिलर्स को भी खरीद एजेंसी से जोड़ा जाए। इससे किसानों को  न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान बेचने में सुविधा होगी।

2.  राज्य सरकार उसना के साथ अरवा चावल की भी खरीदारी करे। इस संदर्भ में स्पष्ट  नीति बननी चाहिए। दोनों चावलों की खरीद का कम से कम पांच वर्ष मौका मिले। इसके लिए एक अनुपात तय हो।

3.  वर्तमान में जारी मिलिंग चार्ज दस रुपए प्रति क्विंटल काफी कम है। समय के अनुसार यह राशि बढ़नी चाहिए।

4.  उर्वरक विक्रेताओं के लिए रसायनशास्त्र विषय में स्नातक की योग्यता अनिवार्य की गई है। विक्रेताओं के लिए यह अनिवार्य नहीं होना चाहिए।      

कार्यक्रम को बिहार स्टेट राइस मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजू गुप्ता, सचिव आनंद सिंह, एलपी चतुर्वेदी, राजीव राय, संजीव, रामचंद्र प्रसाद, बीआईए के पूर्व अध्यक्ष केपीएस केसरी, यूपी राइस मिल एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष प्रमोद एवं अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया।        

 

 


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