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कृषि मंत्री ने दिया इस्तीफा, विभाग की कार्यशैली से थे खफा

पटना। बिहार के कृषि मंत्री सुधाकर सिंह ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव को अपना इस्तीफा सौंप दिया। विभाग की कार्यशैली पर अपने विवादित बयानों को लेकर वे सुर्खियों में थे। महागठबंधन की सरकार में सुधाकर सिंह ने 16 अगस्त, 2022 को मंत्री पद की शपथ ली थी। इससे पहले अपहरण के मामले में आरोपित मंत्री कार्तिक सिंह ने 31 अगस्त को इस्तीफा दिया था। दोनों मंत्री आरजेडी कोटे से हैं।

कृषि मंत्री के विभाग पर आरोप : उन्होंने कहा था कि मेरे विभाग के अफसर और कर्मचारी चोर हैं और मैं चोरों को सरदार। राज्य बीज निगम से कोई बीज नहीं खरीदता है। ढाई सौ करोड़ का बीज निगम ही हजम कर जाता है। उन्होंने माप-तौल विभाग को वसूली विभाग कहा था। दूसरे और तीसरे कृषि रोड मैप पर सवाल उठाते हुए कहा था कि इससे बिहार के किसानों को कोई फायदा नहीं हुआ। किसानों की न आय बढ़ी और न उत्पादन बढ़ा।   

इन बयानों के बाद मुख्यमंत्री ने कैबिनेट की मीटिंग में सुधाकर सिंह से बात करने की कोशिश की, लेकिन वे मीटिंग से उठकर चले गए। मुख्यमंत्री ने कहा था कि कृषि विभाग के सचिव अच्छे आदमी हैं। इस कारण मंत्री को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।

आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष और सुधाकर सिंह के पिता जगदानंद सिंह ने कहा कि कृषि मंत्री ने इस्तीफा दे दिया है ताकि सरकार अच्छे से चल सके।  

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि नौ अगस्त, 2022 को सत्ता परिवर्तन के बाद राज्य में यूरिया की लूट हुई है। किसानों को मनमाने दाम पर मजबूरन यूरिया की खरीद करनी पड़ी। इस काम को कृषि विभाग के अफसरों ने थोक विक्रेताओं के साथ मिलकर किया।

कृषि मंत्री सुधाकर सिंह ने इस व्यवस्था का विरोध किया था। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्य में अफसरशाही चरम पर है। मुख्यमंत्री को अपने अफसरों के खिलाफ सुनना पसंद नहीं है।  

 


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