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बिहार नगर निकाय चुनाव में आरक्षण पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक

पटना। बिहार नगर निकाय चुनाव से छह दिन पहले पटना हाईकोर्ट ने अति पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) के लिए आरक्षण पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने ईबीसी के लिए आरक्षित सीटों को सामान्य में अधिसूचित कर चुनाव कराने का आदेश दिया है। खंडपीठ ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग चाहे, तो वह मतदान की तारीख आगे बढ़ा सकता है।

आयोग के पूर्व में जारी कार्यक्रम के अनुसार राज्य की 224 नगर पालिकाओं में 10 अक्टूबर और 20 अक्टूबर को चुनाव होने थे। राज्य सरकार ने ओबीसी आरक्षण से अलग अति पिछड़ा वर्ग को बीस प्रतिशत अतिरिक्त आरक्षण दे दिया। इससे आरक्षण की सीमा पचास प्रतिशत से अधिक हो गई जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार स्थानीय निकाय चुनाव में आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए।  

चीफ जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एस. कुमार की बेंच ने नगर निकाय चुनाव में आरक्षण के खिलाफ दायर याचिका पर मंगलवार को फैसला सुनाया। बेंच ने अपने आदेश में कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग ने सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन नहीं किया है। बिना ट्रिपल टेस्ट के ईबीसी को आरक्षण दे दिया। आयोग स्वतंत्र निकाय के रूप में अपने काम की समीक्षा करे। वह राज्य सरकार के निर्देशों को मानने के लिए बाध्य नहीं है। हाईकोर्ट ने दायर याचिका पर 29 सितंबर को ही सुनवाई पूरी कर ली थी।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश : अदालत ने कहा था कि स्थानीय निकाय चुनाव में आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। अगर राज्य सरकार इस शर्त को पूरा नहीं करती है, तो पिछडे़ वर्ग के लिए आरक्षित सीट को सामान्य माना जाए। पिछड़े वर्ग की पहचान के लिए सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को एक विशेष आयोग बनाने का भी आदेश दिया था।

 

 


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