पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना के डीएम और एसएसपी को सख्ती से शराबबंदी लागू कराने की नसीहत दी है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने दोनों अधिकारियों को अपने पास बुलाकर कहा कि अगर पटना ठीक हो गया, तो बिहार ठीक हो जाएगा। सभी पुलिसवालों ने शराबबंदी की शपथ ली है। पुलिस अलर्ट रहेगी, तो गड़बड़ी नहीं होगी। पूरे तौर पर शराबबंदी का पालन कराना जरूरी है।
नशामुक्ति दिवस पर ज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग गड़बड़ी करने वाले होते हैं, उन पर कार्रवाई कीजिए। शराब के असली धंधेबाज को पकड़िए। महिलाओं से विशेष रूप से सजग रहने की उन्होंने अपील की। समाज सुधार अभियान निरंतर जारी रखना है। इससे राज्य आगे बढ़ेगा और सबकी तरक्की होगी।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 से सतत् जीवकोपार्जन योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत शराब के धंधे से जुड़े लोगों को दूसरा व्यवसाय शुरू करने के लिए एक लाख रुपये तक की मदद दी जा रही है। अब तक 1 लाख 47 हजार परिवारों ने इस योजना का लाभ उठाया है।
लाभुक अब गाय,बकरी एवं मुर्गीपालन और शहद उत्पादन जैसे व्यवसाय शुरू कर जीवकोपार्जन कर रहे हैं। बिहार में इस साल नीरा का काफी उत्पादन हुआ है। नीरा से पेड़ा और गुड़ भी बन रहा है। कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने मद्य निषेध के प्रचार-प्रसार के लिए छह बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। साथ ही मोबाइल पर जनता के नाम संदेश का लोकार्पण भी किया।